ऑटो सेक्टर को जिस पॉलिसी का इंतजार था वो आ गई है। अब निजी गाड़ियां 20 और व्यावसायिक वाहन 15 साल के बाद सड़कों पर नहीं उतर सकेंगे। ये ऑटो सेक्टर के लिए एक बिग पॉजिटिव खबर है। फाइनेंस मिनिस्टर ने अपने बजट भाषम में कहा है कि यह स्ट्रैटिंग पॉलिसी वॉलेंटरी होगी।
बहुप्रतिक्षित वाहन कबाड़ नीति के लागू होने से सुस्ती और गिरावट का सामना कर रही देश की अर्थव्यवस्था को ताकत मिलेगी। नई गाड़ियों की मांग बढ़ने से ऑटोमोबाइल सेक्टर रफ्तार पकड़ेगा। ग्राहकों को नए वाहन 30 फीसदी तक सस्ते मिलेंगे। पुराने वाहनों से वायु प्रदूषण में 25 फीसदी की कमी आएगी। वहीं स्क्रैप सेंटरों पर बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध होंगे।
वित्त मंत्री के इस ऐलान के बाद Mahindra & Mahindra, Maruti, Bajaj Auto और Ashok Leyland शेयरों में 2 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। वहीं 11.20 बजे बीएसई ऑटो इंडेक्स 2 फीसदी ऊपर था।
Maruti Suzuki, Tata Motors and Mahindra & Mahindra कुछ ऐसे शेयर है जिनको सरकार के ऐलान के बाद फायदा होगा। कुछ सप्ताह पहले सरकार ने नई स्क्रैपेज पॉलिसी को मंजूरी दी थी जो अप्रैल 2022 में प्रभाव में आएगी।
सरकार ने 15 साल से पुरानी गाड़ियों के स्क्रैपिंग को मंजूरी देने के लिए मोटर व्हीकल एक्ट में जुलाई 2019 में संशोधन का प्रस्ताव रखा था। बहुप्रतीक्षित स्क्रैपेज पॉलिसी 1 अप्रैल 2022 से लागू होगी। सरकार के इस कदम का मकसद प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़क से हटाना है इसके लिए भारत स्टेज -VI स्टैंडर्ड मानक के वाहन मालिकों को इन्सेंटिव भी उपबल्ध कराया जाएगा।
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