बजट 2017: सस्ते घरों को बढ़ावा, खुश हुआ रियल्टी सेक्टर

इस बार बजट में जिस सेक्टर को सबसे ज्यादा मिला है वो है हाउसिंग।

अपडेटेड Feb 02, 2017 पर 10:59 AM

इस बार बजट में जिस सेक्टर को सबसे ज्यादा मिला है वो है हाउसिंग। खासतौर पर अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए सरकार ने कई बड़े एलान किए हैं। सरकार ने कई बिल्डरों की कई सालों से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए इंफ्रासट्रक्चर का दर्जा दे दिया है। अब अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए डेवलपर्स को सस्ता और आसान कर्ज मिल सकेगा।

इसके अलावा सरकार ने 80आईबी के तहत अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। स्कीम में डेवलपर्स को अफोर्डेबल हाउसिंग में इनकम टैक्स पर छूट मिलती है। बदले हुए नियमों के तहत अफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा में अब बिल्ट अप की जगह कार्पेट एरिया का इस्तेमाल होगा। ऐसे में 30 से 60 स्क्वेयर मीटर के कार्पेट एरिया के साथ ज्यादा बड़े घर बनेंगे। और इन प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अब 3 की जगह 5 साल का वक्त मिलेगा।

एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख का कहना है कि ये हाउसिंग के लिए काफी अच्छा बजट है। इस बजट में इंफ्रा और हाउसिंग को एक कर दिया है जिससे हाउसिंग को काफी फायदा होगा।

सरकार ने 2019 तक 1 करोड़ सस्ते मकान बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवंटन को बढ़ाकर 23,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। नेशनल हाउसिंग बैंक भी अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए 20,000 करोड़ के लोन बांटेगा। इसके अलावा अब घर खरीदारों और निवेशकों को भी थोड़ी राहत देने की कोशिश की गई है। अब अचल संपत्ति पर लगने वाले कैपिटल गेंस टैक्स की अवधि को 3 से घटाकर 2 साल कर दिया गया है। इतना ही नहीं अब टैक्स का हिसाब करने के लिए इंडेक्सेशन के लिए बेस ईयर को भी 1981 से बदल कर 2001 कर दिया गया है। इससे खर बेचने पर टैक्स का बोझ काफी कम हो जाएगा।

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