इस साल के बजट में इनकम टैक्स की कटौती में केंद्र सरकार बड़ा झटका दे सकती है। अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती के चलते करेंट फिस्कल ईयर में प्राप्त रेवेन्यु लक्ष्य के मुकाबले 2 लाख करोड़ रुपये कम रह सकता है। लिहाजा ऐसे में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण इनकम टैक्स कटौती करना थोड़ा मुश्किल हो जाएगा। इस मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि करेंट फिस्कल ईयर में पर्सनल इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स से मिले रेवेन्यु के मुकाबले डेढ़ लाख करोड़ रुपये कम रह सकता है। इसके अलावा अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती के चलते इनडायरेक्ट टैक्स रेवेन्यु भी 50 हजार करोड़ रुपये कम रह सकता है।

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने देश में छाई आर्थिक सुस्ती को दूर करने क लिए कॉरपोरेट टैक्स में कटौती की घोषणा की थी। लिहाजा उम्मीद जताई जा रही थी कि निर्मला सीतारमण इनकम टैक्स में कटौती की घोषणा कर सकती हैं। हालांकि टैक्स से मिले रेवेन्यु के लक्ष्य से कम रहने की आशंका और सरकार के Disinvestment  लक्ष्य से दूर रहने के कारण कटौती की घोषणा कर पाना मुश्किल नजर आ रहा है।

सरकार को पहले से ही कॉरपेरेट टैक्स में 28 साल की सबसे बड़ी कटौती करने की घोषणा से  1,4000 करोड़ रुपये की चपत लग चुकी है।

पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग समेत कई जानकारों ने संकेत दिए हैं कि टैक्स रेवेन्यु लक्ष्य से 2-2.5 लाख करोड़ रुपये कम रह सकता है। गर्ग ने हाल ही में एक ब्लॉग में लिखा है कि साल 2019-20 बेहद ही बुरा फिस्कल ईयर साबित होने जा रहा है। उन्होंने टैक्स रेवेन्यु 2.5 लाख करोड़ यानी GDP के 1.2 फीसदी कम रहने की संभावना जताई है।

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