फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2020 को बजट पेश करते हुए GST को आसान करने का ऐलान किया। अपने दूसरे बजट में सीतारमण ने कहा कि अप्रैल 2020 से GST रिटर्न का आसान फॉरमैट उपलब्ध कराया जाएगा।

1 जुलाई 2017 को GST लागू हुआ था और तब से ही कारोबारी इसे लेकर परेशान हैं। निर्मला सीतारमण ने संसद में बताया कि GST की वजह से ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को काफी फायदा हुआ है। इससे इंसपेक्टर राज से छुटकारा मिला है। GST से मैक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज (MSME)को फायदा हुआ है। ग्राहकों को सालाना 1 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है। GST के तहत 60 लाख नए टैक्सपेयर्स और 105 करोड़ ई-वे बिल जेनरेट हुए हैं।

फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा, "GST की वजह से औसत हाउसहोल्ड को अपने खर्चों में हर महीने 4 फीसदी की बचत हुई है।"

जनवरी में GST कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा

जनवरी महीने में GST कलेक्शन 1.1 लाख करोड़ रुपये रहा। जुलाई 2017 में GST लागू होने के बाद यह दूसरी बार है कि मंथली रेवेन्यू एक लाख करोड़ रुपये पार कर गया है। सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय मीटिंग राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे ने कहा कि GST कलेक्शन लक्ष्य के अनुरूप है।

सीनियर अधिकारी के बयान के अनुसार जनवरी 2019 के दौरान डोमेस्टिक ट्रांजैक्शन से रेवेन्यु में 12 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है।

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