इस बार के बजट में सरकार पेपर, फुटवियर, रबर आइटम्स, फर्नीचर, और खिलौने जैसे प्रोडक्ट्स पर मेक इन इंडिया और मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ को बढ़ावा देने के मकसद से कस्टम ड्यूटी बढ़ा सकती है।

लाइव मिंट में प्रकाशित खबर के मुताबिक, Commerce and Industry Ministry ने फाइनेंस मिनिस्ट्री को प्रस्ताव भेजा है। जिसमें 300 आइटम्स में कस्टम ड्यूटी बढ़ाने की सिफारिश की गई है। इसमें फर्नीचर, केमिकल्स, रबर, कोटेड पेपर, और पेपर बोर्ड शामिल है।

जो प्रस्ताव भेजा गया है, उसमें रबर के नए pneumatic(न्यूमेटिक) टायरों पर मौजूदा कस्टम ड्यूटी 10-15 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी करने का प्रस्ताव भेजा गया है। वहीं फुटवियर और उससे संबंधिट प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी को 25 फीसदी से बढ़ाकर के 35 फीसदी करने का प्रस्ताव दिया गया है। लकड़ी के फर्नीचर पर आयात शुल्क 20 से 30 फीसदी करने का प्रस्ताव है।

कॉमर्स मिनिस्ट्री ने लकड़ी के फर्नीचर पर कस्टम ड्यूटी मौजूदा 20 फीसदी से बढ़ाकर 30 फीसदी करने का प्रस्ताव भेजा है।  वहीं, कोटेड पेपर, पेपर बोर्ड्स और हाथ से बने पेपर्स पर ड्यूटी को दोगुना बढ़ाकर 20% करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि  वेस्ट पेपर और पेपर पल्प पर इम्पोर्ट ड्यूटी को घटाकर के शून्य करने का प्रस्ताव दिया है। फिलहाल इन दोनों पर क्रमशः 10 और 5 फीसदी है।

लकड़ी, मेटल्स और प्लास्टिक के खिलौनों पर कस्टम ड्यूटी को मौजूदा 20% से बढ़ाकर 100% तक करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि वेस्ट पेपर और पेपर पल्प पर इम्पोर्ट ड्यूटी को घटाकर के शून्य करने का प्रस्ताव दिया है।

बता दें कि ASEAN देशों से सबसे अधिक इम्पोर्ट (आयात) आता है। जिनके साथ भारत का फ्री ट्रेड (मुक्त व्यापार) समझौता है। मंत्रालय ने चीन और अन्य ASEAN देशों से होने वाले आयात को रोकने के लिए यह कदम उठाया है।

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