मनीकंट्रोल PF टीम

बजट 2021 में ऐसा लग रहा है कि पर्सनल टैक्स दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. पूरे ब्यूरे बाहर आने के बाद ही चीजें स्पष्ट हो पाएंगी, लेकिन यहां उन ऐलानों के बारे में बताया जा रहा है कि जिनसे आपके पर्सनल फाइनेंस पर असर पड़ सकता है।

सीनियर सिटीजंस को इनकम-टैक्स रिटर्न फाइल नहीं करना पड़ेगा

वरिष्ठ नागरिकों के एक तबके के लिए एक बड़ी राहत का ऐलान किया गया है. 75 साल या उससे ज्यादा उम्र वाले ऐसे लोगों के लिए जो केवल पेंशन और ब्याज आमदनी के सहारे हैं, उन्हें अब इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं करने पड़ेंगे।

फाइनेंस मिनिस्टर ने इसमें यह स्पष्ट नहीं किया है कि इसमें डिविडेंड इनकम को शामिल किया जाएगा या नहीं। कई वरिष्ठ नागरिक अपने पोर्टफोलियो का एक हिस्सा इक्विटीज में भी लगाते हैं। बजट का फाइन प्रिंट सामने आने पर ही इस बारे में तस्वीर साफ हो पाएगी।

डिपॉजिट इंश्योरेंस कवर का स्ट्रक्चर बेहतर होगा

फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा है कि सरकार और रिजर्व बैंक एक बेहतर पॉलिसी फ्रेमवर्क तैयार करेंगे ताकि बैंक के दिक्कत में आने के मौके पर जमाकर्ता डिपॉजिट इंश्योरेंस क्लेम कर सकें।

पिछले साल के बजट बैंक डिपॉजिटर्स के लिए डिपॉजिट इंश्योरेंस कवर को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया था।

हालांकि, अब तक यह तभी उपलब्ध होता है जबकि बैंक बिकता है। एक बेहतर मैकेनिज्म से डिपॉजिटर्स को बैंक के बिकने से पहले ही डिपॉजिटर्स को मदद मिल पाएगी।

बैंकबाजार.कॉम के सीईओ आदिल शेट्टी कहते हैं, “यह एक पॉजिटिव चीज है और कस्टमर्स को ऐसे हालात में सुरक्षा मिलेगी जिनमें हमने गुजरे वक्त में देखा है कि आरबीआई ने बैंकों पर मोरेटोरियम लगा दिए और डिपॉजिट को निकालने पर पाबंदियां लगा दीं।”

ज्यादा वर्कर्स को मिलेगा सोशल सिक्योरिटी का फायदा

कोविड-19 के दौरान पिछले साल कई टैक्स देने वाले नागरिकों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। इन लोगों को फ्रीलांसिंग के काम शुरू करने पड़े। ऐसे लोगों को बजट में कुछ राहत दी गई है।

सोशल सिक्योरिटी बेनेफिट इस तरह के वर्कर्स के लिए भी दिया गया है। ई-कॉमर्स वर्कर्स को एंप्लॉयीज स्टेट इंश्योरेंस स्कीम (ESI), एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड (EPF) और न्यूनतम वेतन नियमों के तहत लाया गया है।

महिलाओं को सभी कैटेगरीज में रात की शिफ्ट करने की इजाजत दी गई है।

फेसलेस असेसमेंट को बढ़ावा

बजट 2021 में फेसलेस असेसमेंट पर और जोर दिया गया है। इसे और ज्यादा मजबूत बनाने की कोशिश है।

एक (फेसलेस) विवाद निपटान कमेटी का गठन किया जाएगा। 50 लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम और 10 लाख रुपये तक की विवादित आमदनी वाला कोई भी शख्स इस कमेटी के पास जा सकता है।

वित्तीय उत्पादों के लिए इनवेस्टमेंट चार्टर

फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की मिस-सेलिंग (बिक्री में झूठे वादे या दूसरे गलत तरीके इस्तेमाल करने) को कम करने के लिए वित्त मंत्री ने एक इनवेस्टमेंट चार्टर गठित करने का ऐलान किया है।

यह चार्टर पूरे फाइनेंशियल सेक्टर के सभी प्रोडक्ट्स के इनवेस्टर्स के लिए होगा। इसे लेकर ब्योरे सामने आने पर तस्वीर साफ होगी, लेकिन उम्मीद है कि इस चार्टर में इनवेस्टर्स के अधिकारों को तय किया जाएगा। इसके अलावा इसमें लोगों की शिकायतों को दूर करने के मैकेनिज्म की भी रूपरेखा होनी चाहिए। चार्टर से मौजूदा फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स के शिकायत निपटान मैकेनिज्म में और मजबूती आनी चाहिए।

तेज रफ्तार टैक्स समाधान

इनकम टैक्स रिटर्न्स के तहत असेसमेंट के फिर से खोले जाने की टाइमलाइन अब पहले के छह साल के मुकाबले घटाकर तीन साल कर दी गई है।

टैक्स चोरी के गंभीर मामले भी केवल ऐसे मामले ही होंगे जहां पर एक साल में 50 लाख रुपये या उससे ज्यादा आमदनी छिपाने के साक्ष्य होंगे।

असेसमेंट को ऐसे मामलों में 10 सालों में खोला जा सकता है। इससे टैक्स अधिकारियों पर भी बोझ कम होगा और टैक्स पेयर्स के लिए भी राहत होगी साथ ही इससे मामलों के जल्द निबटारे का रास्ता भी खुलेगा।

विस्तृत प्री-फिल्ड टैक्स फॉर्म

इस साल वित्त मंत्री ने कहा है कि स्रोत पर टैक्स कटौती (टीडीएस) के अलावा कैपिटल गेन्स और बैंकों और पोस्ट ऑफिस से मिलने वाले ब्याज के ब्योरे पहले से भरे हुए मिलेंगे। प्री-फिल्ड फॉर्म्स से टैक्स कंप्लायंस में सुधार आएगा और साथ ही टैक्सपेयर्स को भी अपने टैक्स आसानी से भरने में मदद मिलेगी।

होम लोन इंटरेस्ट पर डिडक्शन को बढ़ाया गया

अफोर्डेबल हाउसिंग को भी बजट में बूस्ट मिला है। सस्ते घर खरीदने पर मिलने वाले बेनेफिट्स को अब बढ़ाकर ऐसे लोगों को भी दिया जाएगा जो कि 31 मार्च 2022 तक होम लोन लेकर घर खरीदेंगे।

टैक्स फायदे वाले इंफ्रा के लिए जीरो कूपन बॉन्ड

जल्द ही रिटेल इनवेस्टर्स के पास निवेश करने के लिए एक और इंस्ट्रूमेंट होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ बढ़ाने के लिए बजट 2021 में ऐलान किया गया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेट फंड अब टैक्स फायदे वाले जीरो कूपन बॉन्ड जारी कर पैसे जुटा सकते हैं।

इस बारे में और ब्योरा सामने आने पर तस्वीर साफ हो पाएगी और उसमें ही पता चलेगा कि इन बॉन्ड्स से किस हद तक इनकम टैक्स बेनेफिट्स मिल पाएंगे।

अप्रवासी भारतीयों के लिए राहत

एनआरआई के लिए डबल टैक्सेशन में बदलाव किया गया है। खासतौर पर ऐसे एनआरआई जो कि भारत वापस लौटते हैं। ऐसे लोगों को भी राहत देने पर विचार हो रहा है जो कि भारत में चुकाए जा रहे टैक्स पर क्रेडिट हासिल करने में दिक्कतें झेलते हैं।

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