इस साल बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। कैबिनेट कमिटी ऑन पार्लियामेंटरी अफेयर्स (CCPA) ने मंगलवार को बताया कि इस साल 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश किया जाएगा। प्रेसिडेंट राम नाथ कोविंद 29 जनवरी को राज्य सभा और लोकसभा के संयुक्त सदन को संबोधित करेंगे।
CCPA ने यह भी सिफारिश की है कि बजट सत्र 29 जनवरी से लेकर 15 फरवरी तक चलाया जाए। सिफारिश में यह भी कहा गया है कि 1 फरवरी को बजट पेश होने के बाद बजट का दूसरा सत्र 8 मार्च से 8 अप्रैल तक चलाया जाए।
संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस के लोकसभा लीडर को कहा था कि सभी राजनीतिक दल सत्र रद्द करने के पक्ष में थे।
उन्होंने कहा था, "कई पार्टियों के नेताओं ने मुझसे संपर्क करके कोरोनावायरस संक्रमण को लेकर अपनी चिंता जताई थी और शीत सत्र रद्द करने को कहा था।"
हालांकि कांग्रेस का आरोप है कि इस मामले में उनसे कोई सलाह नहीं की गई है। विपक्ष का यह भी आरोप है कि शीत सत्र इसलिए रद्द किया गया है ताकि कृषि बिल के खिलाफ चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा कोई सवाल ना सरकार से पूछा जाए।
सितंबर में मॉनसून सत्र के दौरान राज्य सभा के 8 और लोकसभा के 17 सदस्य कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद मॉनसून सत्र रद्द कर दिया गया था।
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