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Budget 2021: इस साल बजट में इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स में मिल सकती है छूट!

वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आम बजट का काउंटडाउन शुरू हो गया है, सबकी निगाहें अपना तीसरी बजट पेश कर रहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 21, 2021 पर 6:42 PM
Budget 2021: इस साल बजट में इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स में मिल सकती है छूट!

वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आम बजट (Budget 2021) का काउंटडाउन शुरू हो गया है। सबकी निगाहें तीसरी बार बजट पेश कर रहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ हैं। कोरोना वायरस महामारी के साये में पेश होने जा रहे इस आम बजट के बारे में निर्मला सीतारमण ने कहा था कि इस बार का बजट अभूतपूर्व होगा। ऐसा बजट कभी पेश नहीं किया गया होगा। ऐसे में इस बजट से लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। लोग इनकम टैक्स में राहत की घोषनाओं से लेकर कॉरपोरेट टैक्स में छूट, बैंकों के मर्जर, पुरानी ऑटो पॉलिसी के अलावा डिविडेंड पर टैक्स छूट की उम्मीदें लगाए बैठे हैं। वित्त मंत्री से आगामी बजट में लोगों को ये उम्मीदें हैं…

आगामी बजट से 10 उम्मीदें

1. वर्तमान में इनकम टैक्स एक्ट 80 CCE के तहत सेक्शन 80C, 80CCC और 80CCD (1) के तहत एक साल में कुल 1.50 लाख रुपये की आमदनी पर आयकर से छूट मिलती है। इसे बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये करने की उम्मीद लोग वित्त मंत्री से लगाये हुए हैं।

2. इस बजट से लोगों को उम्मीद है कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम (SGBs) के तहत कैपिटल गेन्स को प्रोविजन में छूट मिलेगी और इसमें किसी एक खास वर्ष का रेफरेंस नहीं होगा। SGBs में निवेश करने के कई फायदे हैं।

3. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) अकाउंट को बंद किए जाने पर निकासी की 60 फीसद राशि पर ही टैक्स छूट मिलती है। शेष राशि से एनपीएस सब्सक्राइबर को एन्यूटी खरीदनी होती है। एन्यूटी जब व्यक्ति को मिलती है तो वह टैक्सेबल हो जाती है। लोगों की मांग है कि (NPS से निकासी करने पर पूरी राशि को टैक्स फ्री कर देना चाहिए।

4. किसी दूसरे देश में टैक्स डिडक्शन को टैक्सपेयर का इनकम समझा जाए। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 198 के तहत विदेश में टैक्स डिडक्ट होने पर उसे assessee का ग्रॉस इनकम समझा जाना चाहिए। हालांकि, तरह के टैक्स के कालकुलेशन में अक्सर विवाद हो जाता है। इस बजट में इसके लिए विशेष प्रावधान होने की उम्मीद है।

5. डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) को खत्म करने के लिए कई संशोधनों की जरूरत है। सेक्शन 243 के तहत अगर कोई टैक्सपेयर को एडवांस टैक्स भुगतान करना है और अगर वह इससे चूक जाता है, या टैक्स की रकम जितना चुकाया जाना चाहिए उससे कम होता है तो टैक्सपेयर को उस पर इंटरेस्ट देना होता है। जबकि इनकम टैक्स के सेक्शन 115BBDA(1) के तहत प्रावधान है कि ऐसे मामलों में लगाये जाने वाले इंटरेस्ट को माफ कर देना चाहिए।

6. इस बजट से मल्टीनेसनल कंपनियों को कॉर्पोरेट टैक्स में भी राहत मिलने की उम्मीद है। उनका कहना है कि उनका रेवेन्यू और इनकम कोरोना वायरस महामारी के कारण बहुत प्रभावित हुआ है। इसलिए वित्त मंत्रालय को कॉर्पोरेट टैक्स में रिफॉर्म लाना चाहिए।

7. इसके अलावा वित्त वर्ष 2021-22 के बजट से सराकारी बैंकों की संख्या कम करने की भी उम्मीद है। बजट में पब्लिक सेक्टर के बैंकों को मर्ज करने की घोषणा भी हो सकती है। पहले 27 सरकारी बैंक थे जिसे कम करके 12 कर दिया गया है। अब उम्मीद है कि इन 12 बैंकों को मर्ज करके सिर्फ 4 बैंक रहने दिया जाए।

8. एक फरवरी को पेश होने वाले बजट में vehicle scrappage policy की घोषणा हो सकती इसका उद्देश्य पुराने, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर ऑटोमोबाइल की मांग को बढ़ावा देना है। यह नीति पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न स्तरों पर अटकी हुई है।

9. इस बजट में सरकार रेलवे में निजी निवेश बढ़ाने को लेकर खास ध्यान केंद्रित कर सकती है। इसके अलावा सरकार के द्वारा यात्री सुरक्षा को लेकर भी ऐलान किया जा सकता है। एविएशन इंडस्ट्री को आगामी बजट से ATF के ऊपर एक्साइज ड्यूटी के माफ होने की उम्मीद है।

10. देश का व्यापारी वर्ग बिजनेस को फिर से उठाने के लिए आम बजट में जीएसटी (GST) में कटौती और कम ब्याज पर लोन मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।

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