कोरोना वायरस महामारी के कारण केंद्र सरकार का वित्त वर्ष 2020-21 में सब्सिडी पर खर्च कई गुना बढ़ गया है। केंद्र सरकार ने इस वित्त वर्ष फूड, फर्टिलाइजर, LPG और केरोसिन पर करीब 6 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है। यह राशि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए सब्सिडी के लिए जारी राशि यानी बजट अनुमान से 2.5 गुना अधिक है। सब्सिडी में यह बढ़ोतरी कोरोना वायरस महामारी के दौरान माइग्रेंट वर्कर्स और देश के गरीब लोगों को मुफ्त में अनाज और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के कारण हुई है। केंद्र सरकार ने 2020 में जब बजट पेश किया थी तो सब्सिडी के लिए 2,27,794 करोड़ रुपये का प्रवाधान किया था, लेकिन इस वित्त वर्ष की एक्चुअल सब्सिडी 5.96 लाख करोड़ रुपये रही।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अगले वित्त वर्ष यानी 2021-22 में 3,36,439.03 करोड़ रुपये सब्सिडी के रूप में देने की घोषणा की है जो इस वित्त वर्ष में दी गई वास्तविक सब्सिडी से 43% कम है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि इस साल फूड सब्सिडी में जबरदस्त इजाफा हुआ है और यह 4,22,618.14 करोड़ रुपये रहा, जबकि 2020-21 के बजट में फूड सब्सिडी के लिए 1,15,569.68 करोड़ रुपये आबंटित किए गए थे। वहीं, अगले वित्त वर्ष के लिए फूड सब्सिडी के लिए 2,42,836 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
फर्टिलाइजर सब्सिडी भी बजट अनुमान से ज्यादा
केंदग्र सरकार ने इस साल फर्टिलाइजर सब्सिडी पर 1,33,947.3 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि 2020 मे बजट में फर्टिलाइजर सब्सिडी के मद में 71,309 करोड़ रुपये आबंटित किए गए थे। वहीं, आगामी वित्त वर्ष के लिए बजट में फर्टिलाइजर सब्सिडी के लिए 79,529.68 करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं। इसी के साथ LPG और केरोसिन सब्सिडी के लिए 2020 के बजट में 40,915.21 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, लेकिन सरकार ने इस साल 39,054.79 करोड़ रुपये की LPG और केरोसिन सब्सिडी दी है। वहीं, अगले वित्त वर्ष में LPG और केरोसिन सब्सिडी के लिए केवल 14,073.35 करोड़ रुपये सब्सिडी की घोषणा की गई है।
सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।
