वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने आज अपने बजट भाषण में कहा कि 2021-22 में अभूतपूर्व स्थितियों में बजट  पेश किया जा रहा है। उन्होंने लोकसभा में आगे कहा कि पीएम मोदी की सरकार किसानों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है।

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि MSP रेजीम में किसानों को उसके उत्पादन की बेहतर कीमत उपलब्ध कराने के लिए तमाम बदलाव किए गए है और  यह सुनिश्चि किया गया है कि उनके उत्पादन लागत का कम से कम 1.5 गुना कीमत मिले।

उन्होंने  आगे कहा कि इस साल 43.36 लाख गेहूं उत्पादक किसानों को  MSP का फायदा मिला है जबकि इसके पहले 35.57 लाख किसानों ने इसका लाभ उठाया था। वित्त वर्ष 2020-21 में MSP गेहूं खरीद किसानों को 75,060 करोड़ रुपये चुकाए गए है।

विपक्षी पार्टियों द्वारा 3 कृषि कानूनों के खिलाफ नारेबाजी के बीच वित्त मंत्री ने कहा कि MSP के तहत अनाज खरीद में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। अपने बजट भाषण में उन्होने आगे कहा कि उनके बजट प्रस्ताव 3 स्तंभों पर आधारित है। यह हेल्थकेयर औऱ जनकल्याण, भौतिक और वित्तीय पूर्ति का निर्माण, इंफ्रास्टक्चर का विकास आगे बढ़ते भारत के लिए समावेशिय विकास, मानव संसाधन का विकास, इनोवेशन, शोध औऱ विकास और मिनिमम गर्वमेंट और अधिकतम गर्वनेंस पर आधारित है।

इस बीच दिल्ली की सीमा पर चल रहा किसानों का दिल्ली चलो प्रोटेस्ट आज 68वें दिन में समावेश कर गया। हजारों की संख्या में किसान दिल्ली की सीमा पर धरना प्रदर्शन कर रहे है। किसानों का यह आंदोलन 26 नवबंर को शुरु हुआ था। ये किसान तीनों कृषि कानूनों को पूरी तरह से वापस लेने और MSP सिस्टम को बनाए रखने की गारंटी की मांग कर रहे हैं।

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