वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2021 को वित्त वर्ष 2021-22 का आम बजट पेश करेंगी। बजट भाषण में कई ऐसे टेक्निकल और फाइनेंशियल टर्म का इस्तेमाल होता है, जिन्हें आसान भाषा में समझे बिना बजट भाषण सिर के ऊपर से निकलने लगता है और कुछ समझ नहीं आता। इन टेक्निकल और फाइनेंशियल टर्म को जार्गन कहते हैं। हम आज आपको बिल्कुल आसान भाषा में बजट अनुमान, संशोधित अनुमान, अतिरिक्त अनुदान, आउटकम बजट, सेंट्रल प्लान आउटले, सबवेंशन और Re-appropirations का मतलब समझाने जा रहे हैं, जिससे आपको बजट भाषण समझने में सहूलियत हो...

बजट अनुमान (Budget Estimates)

किसी वित्तीय वर्ष में सरकार का खर्च कितना होगा और उसे देश चलाने के लिए टैक्स के जरिये कितना राजस्व प्राप्त होगा, इसके अनुमान को बजट अनुमान कहते हैं। इस तरह के अनुमान में एक साल का राजकोषीय एवं राजस्व घाटा भी शामिल होता है। साथ ही इसमें विभिन्न सेक्टर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और राष्ट्र निर्माण के लिए होने वाला खर्च भी शामिल होता है। यानी सरकार को देश चलाने के लिए कितनी आमदनी और उसका खर्च कितना होगा, इसका अंदाजा ही बजट अनुमान है।

संशोधित अनुमान (Revised estimates)

किसी वित्त वर्ष के बीच या अंत में उस वर्ष की बची हुई अवधि में सरकार को कितना राजस्व प्राप्त होगा और उसका खर्च कितना होगा, इसके अनुमानित राशि को संशोधित अनुमान कहा जाता है। यह वित्त वर्ष के फर्स्ट हाफ यानी पहली छमाही के ट्रेंड के आधार पर तय किया जाता है। इसी वजह से बजट अनुमान में जो लक्ष्य तय किया जाता है, संशोधित अनुमान में उसमें अंतर आ जाता है।

अतिरिक्त अनुदान (Excess Grants)

जब किसी मंत्रालय, विभाग, योजना या प्रोजेक्ट के लिए बजट में पास राशि कम पड़ जाती है तब संसद में अतिरिक्त राशि आवंटित करने के लिए एक प्रस्ताव भेजा जाता है। इसे अतिरिक्त अनुदान कहा जाता है। जब यह संसद से यह राशि मंजूर कर ली जाती है तब उस विभाग, योजना या प्रोजेक्ट को अतिरिक्त फंड मिल जाता है।

आउटकम बजट (Outcome of Budget)

हर मंत्रालय को बजट से पहले वित्त मंत्रालय को एक आउटकम बजट देना होता है। यह मंत्रालयों और विभागों का प्रॉग्रेस रिपोर्ट कार्ड होता है, जिसमें वे बताते हैं कि उन्होंने पिछले साल हुई बजट की घोषनाओं पर कितनी प्रगति की।  इसमें देखा जाता है कि किस योजना पर कितना काम हुआ है और उस पर आबंटित राशि का कितना खर्च हुआ है। बजट आउटकम के अन्तर्गत एक वित्त वर्ष के लिए किसी मंत्रालय या विभाग को आबंटित किए गए राशि में मूल्यांकन किए जा सकने वाले भौतिक लक्ष्यों का निर्धारण, इस उद्देश्य से किया जाता है ताकि उसके क्रियान्वयन को परखा जा सके।

सेंट्रल प्लान आउटले (Central Plan Outlay)

केंद्र सरकार द्वारा द्वारा किसी मंत्रालय, सेक्टर या विभाग को कितनी राशि आबंटित की गई है, इसे सेंट्रल प्लान आउटले कहते हैं। यानी आउटले वह अमाउंट है जो किसी थीम या प्रोजेक्ट के लिए इकोनॉमी के विभिन्न सेक्टर्स, मंत्रालयों और विभागों को अलॉट किया जाता है।

पुन: विनियोग (Re-appropirations)

विनियोग (Appropriation) का अर्थ होता है कि किसी खास मकसद के लिए फंड के अलग रखना। यानी विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी विभागों को अनुदान के रूप में देने के लिए जो फंड अलग रखा जाता है, उसे Appropriation कहते हैं। वहीं, जब फंड को एक विभाग से दूसरे विभाग में ट्रांसफर किया जाता है तो उसे Re-appropirations कहते हैं।  

राजकीय सहायता (Subvention)

सबवेंशन (Subvention) सरकार द्वारा किसी संस्था या सेक्टर को दी जाने वाली अनुदान मदद या को कहते हैं। उदाहरण के लिए सरकार किसी वित्तीय संस्था को मार्केट रेट से कम दर पर किसी सेक्टर को लोन देने के लिए कह सकती है। जैसे कि किसानों को मार्केट रेट से कम इंटरेस्ट रेट पर लोन देने को कहना, राजकीय सहायता या Subvention कहलाता है।

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