स्मॉल एंड मीडियम साइज NBFCs को बजट में फंडिंग और टैक्स के मोर्च पर राहत मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक सरकार ऐसे NBFCs के लिए सिडबी और नाबार्ड के जरिए टर्म लोन मुहैया कराने के प्रस्ताव और बैंकों और वित्तीय संस्थानों की तरह TDS कटौती के नियमों में छूट देने पर विचार कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक फरवरी में आने वाले   बजट में छोटे और मंझौले NBFCs के लिए बड़े कदम उठाने की तैयारी है जिससे उनकी लिक्विडिटी की दिक्कतों का समाधान होगा। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इस बजट में  नॉन-रेटिंग NBFCs को टर्म लोन की सुविधा मिलेगी। Unutilised Fund के जरिए डेडिकेटेड फंडिंग का प्रावधान होगा नई स्कीम में 40 फीसदी लेंडिंग मुहैया कराई जा सकती है।

सूत्रों के मुताबिक करीब 40,000 करोड़ रुपए फंड का इस्तेमाल नहीं हो पाया है। इसे छोटे NBFCs को मुहैया कराने का प्रावधान हो सकता है। Special Liquidity Scheme और PCGS में फंड पड़े हैं। इसकी लेंडिंग SIDBI और NABARD के जरिए होगी। इसके अलावा TDS कटौती नियमों में राहत देने पर भी विचार हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक ब्याज पर 10 फीसदी TDS कटौती के नियम से छूट संभव है। ऑन टैप TLRO में स्ट्रैस्ड NBFCs को शामिल करने पर भी विचार हो रहा है।

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