कोरोना से सबक सीखते हुए सरकार हेल्थ सेक्टर के लिए जल्द ही एक खास फंड बनाने जा रही है। सीएनबीसी-आवाज को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक इस फंड का इस्तेमाल आयुष्मान भारत जैसी हेल्थ सेक्टर की फ्लैगशिप स्कीम में किया जाएगा। इसका ऐलान बजट में किया जा सकता है। पूरी खबर बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के इकोनॉमिक पॉलीसी एडीटर लक्ष्मण रॉय ने सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के आधार पर कहा कि 1 फरवरी 2021 को आने वाले बजट में सरकार PM स्वास्थ्य सुरक्षा निधी बनाने का एलान कर सकती है।
सूत्रों के मुताबिक इसके जरिए हेल्थ सेक्टर की फ्लैगशिप स्कीम पर खर्च होगा। इसमें आयुष्मान भारत, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर आने वाला खर्च शामिल है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना पर भी इसी के जरिए खर्च होगा। इसके अलावा PM स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और नेशनल हेल्थ मिशन पर भी खर्च होगा।
सूत्रों के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस पर कैबिनेट ड्राफ्ट नोट तैयार किया जा चुका है। बजट में PM स्वास्थ्य सुरक्षा निधी का ऐलान हो सकता है। हेल्थ एंड एजुकेशन सेस में से हेल्थ का हिस्सा इसी फंड में जाएगा। बता दें कि वित्त वर्ष 2020 में हेल्थ एंड एजुकेशन सेस से 56,000 करोड़ रुपए की वसूली हुई है। सरकार ने हेल्थ सेक्टर के लिए करोड़ रुपए 14,000 करोड़ रुपए आबंटित किए है। 2025 तक हेल्थ पर कुल GDP का 2.5 फीसदी खर्च करने का लक्ष्य है। अभी हेल्थ सेक्टर पर कुल GDP का 1.4 फीसदी खर्च होता है।
इस बीच देश में कोरोना वैक्सीनेशन का पहला चरण 16 जनवरी से शुरू हो रहा है। इससे पहले आज वैक्सीन की पहली खेप तीन ट्रकों में आज सुबह साढ़े चार बजे के करीब पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट से रवाना हो गईं। पुणे के सीरम इंस्टिट्यूट से वैक्सीन की पहली खेप दिल्ली पहुंच भी गई। ये वैक्सीन देश के 13 शहरों में पहुंचाई जाएगी। दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक समेत 13 राज्यों में वैक्सीन पहुंचेगी। सरकार ने SII से 1.1 करोड़ डोज खरीदने का करार किया है। वैक्सीन GPS ट्रैकिंग और पुलिस सुरक्षा के साथ भेजी गई है। COVISHIELD वैक्सीन को दिल्ली के राजीव गांधी सुपर स्पेशलाइटी हॉस्पिटल में रखा गया है।
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