Budget 2023 : जब पहेली सॉल्व करने पर भी देना होता था टैक्स, जानिए बजट के इतिहास से जुड़े 9 दिलचस्प फैक्ट

यह वित्त मंत्री का पांचवां बजट होगा। यह लगातार तीसरी बार है जब बजट को पेपरलेस फॉर्मेट में पेश किया जाएगा। भारत के केंद्रीय बजट के इतिहास में कई ऐसे दिलचस्प फैक्ट्स हैं जिनके बारे में आम लोगों को पता नहीं है। हम आपको यहां ऐसे ही कुछ दिलचस्प फैक्ट्स बताने जा रहे हैं

अपडेटेड Feb 01, 2023 पर 11:21 AM
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में वित्त वर्ष 2023-24 का केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं।

Budget 2023 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में वित्त वर्ष 2023-24 का केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं और उनका भाषण शुरू हो गया है। उम्मीद है कि वह वैश्विक चिंताओं के बीच अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई उपायों की घोषणा करेंगी। यह वित्त मंत्री का पांचवां बजट होगा। यह लगातार तीसरी बार है जब बजट को पेपरलेस फॉर्मेट में पेश किया जाएगा। इसे ब्रीफकेस के बजाए मेड-इन-इंडिया टैबलेट के ज़रिए पेश किया जाएगा। भारत के केंद्रीय बजट का इतिहास में कई ऐसे दिलचस्प फैक्ट्स हैं जिनके बारे में आम लोगों को पता नहीं है। हम आपको यहां कुछ दिलचस्प फैक्ट्स बताने जा रहे हैं।

  1. 'Budget' शब्द की उत्पत्ति पुराने फ्रांसीसी शब्द 'bougette' से हुई है जिसका अर्थ है 'चमड़े का थैला'
  2. स्वतंत्र भारत का पहला बजट आरके शनमुखम चेट्टी ने 197.4 करोड़ रुपये के कुल खर्च के साथ पेश किया था।
  3. 1955-56 के बजट में विवाहित और अविवाहित लोगों के लिए अलग-अलग कर-छूट स्लैब की घोषणा की गई थी।
  4. जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला पहला और एकमात्र केंद्रीय बजट वर्ष 1958-59 के लिए था। इस बजट में एक नया टैक्सेशन टूल पेश किया गया, जिसका इस्तेमाल कई पश्चिमी देशों में भी किया गया। यह है - गिफ्ट टैक्स।
  5. 1962 में बजट में आयकर दरों में काफी वृद्धि की गई। आपको जानकर हैरानी होगी कि इसमें उच्चतम दर 72.5% थी।
  6. साल 1972-73 के बजट की काफी आलोचना की गई थी। इसमें पहली बार क्रॉसवर्ड सुलझाकर जीती गई रकम पर 34.5 फीसदी टैक्स लगाने का प्रस्ताव किया गया था।
  7. 1978 में, नोटबंदी के बमुश्किल एक महीने बाद केंद्रीय बजट पेश किया गया था, जिसमें जनता पार्टी सरकार ने अवैध लेनदेन को नियंत्रित करने के लिए 1,000 रुपये, 5,000 रुपये और 10,000 रुपये के नोटों को बंद करने का फैसला किया था।
  8. 1982-83 के बजट में उन अप्रयुक्त अर्जित अवकाशों पर कर से छूट देने का प्रस्ताव किया गया था, जिन्हें कर्मचारियों ने रिटायरमेंट पर भुनाया था।
  9. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना की घोषणा 1993-94 के बजट में की गई थी।

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