बजट (Budget) पर सभी देशवासियों की नजर होती है। इसके साथ ही बजट से उम्मीदों का दौर भी शुरू हो जाता है। आज हम आपको बजट से जुड़ी कुछ रोचक बाते बताने जा रहे है। क्या आप जानते हैं कि देश का पहला बजट कब पेश हुए था और किस ने सबसे ज्यादा बजट पेश किया है?
आजादी के तीन महीने बाद हुआ था बजट पेश
देश का पहला बजट आजादी के तीन महीने के अंदर ही पेश हो गया था। भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को पेश किया गया था। भारत का यह पहला बजट एक तरह से देश की अर्थव्यवस्था की समीक्षा था। इस बजट को देश के प्रथम वित्त मंत्री आर के षणमुखम शेट्टी ने पेश किया था।
इसके बाद से अब तक बजट पेश होते रहे हैं लेकिन देश में सबसे ज्यादा बजट पेश करने का मौका मोरारजी देसाई को मिला है। मोरारजी देसाई ने भारत के बजट इतिहास में सबसे ज्यादा 10 बार बजट पेश किया है। इन 10 बजट में 8 पूर्ण बजट और 2 अंतरिम बजट भी शामिल थे जिन्हें मोरारजी देसाई ने पेश किया था। मोरारजी देसाई देश के प्रधानमंत्री रहे हैं यह तो सभी जानते हैं लेकिन उन्होंने देश के वित्त मंत्री की भी कमान संभाली है इसके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते। देसाई ने 1959 में देश के वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी।
दूसरे नंबर पर रहे यह नेता
मोरारजी देसाई के बाद कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने सबसे ज्यादा बार बजट पेश किया है। उन्होंने 8 बार बजट पेश किया है। 7 बार बजट पेश करने का मौके देश के कई नेताओं को मिला है। इनमें सीडी देशमुख, पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, आईबी चौहान और यशवंत सिन्हा जैसे नेता शामिल हैं।
लगातार 5 बार बजट पेश करने का मौका भी देश के 3 बड़े नेताओं को मिला है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यशवंत सिन्हा और अरुण जेटली ने लगातार 5 बार देश का बजट पेश किया है।
बजट के इतिहास पर नजर डाली जाए तो निर्मला सीतारमण देश की पहली वित्त मंत्री नहीं है जिन्होंने बजट पेश किया है। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की बेटी इंदिरा गांधी भी देश का बजट पेश कर चुकी हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश का बजट साल 1970-71 में पेश किया था।
साल 2017 से पहले रेल बजट भी अलग से पेश किया जाता था लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने 2017 के बाद से ही रेल बजट भी पूर्ण बजट में शामिल हो गया था।
आप को जनाकर हैरानी होगी की देश के एक बजट को काला बजट भी कहा जाता है। इस बजट को देश का काला बजट इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस बजट में 550 करोड़ ऊपर का घाटा हुआ था। यह बजट साल 1973 में पेश किया गया था और इस बजट को यशवंतराव बी चव्हाण ने पेश किया था।
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