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Budget expectations 2021: अतुल्य भारत का बलशाली बजट, होंगे डिफेंस से जुड़े विस्फोटक एलान!

पिछले साल जून में गलवान घाटी में हुए भारत-चीन तनाव के बाद पूरे देश और सरकार का फोकस डिफेंस सेक्टर पर बढ़ गया है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 20, 2021 पर 2:43 PM
Budget expectations 2021: अतुल्य भारत का बलशाली बजट, होंगे डिफेंस से जुड़े विस्फोटक एलान!

पिछले साल जून में गलवान घाटी में हुए भारत-चीन तनाव के बाद पूरे देश और सरकार का फोकस डिफेंस सेक्टर पर बढ़ गया। इसके बाद सरकार ने एक के बाद एक बड़े फैसले लेकर डिफेंस सेक्टर के MODERNISATION पर जोर दिया। चाहें फिर वो DAC में लिए गए फैसले हों या फिर ऑटोमेटिक रूट के जरिए 74 परसेंट FDI खोलना, इन सभी फैसलों से डिफेंस सेक्टर में हलचल बढ़ गई है। इस साल भी बजट में पूरे देश की नजर रक्षा बजट पर है कि सरकार इसके लिए क्या एलान करती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण के पास क्या OPTION खुले हैं और उन्हें क्या कदम उठाने चाहिए इसी पर है हमारी खास पेशकश डिफेंस सेक्टर की बजट उम्मीदें।

इस चर्चा में सीएनबीसी-आवाज़ का साथ दे रहे हैं। CII की National Committee on Strategic Manufacturing के Chairman, Society of Indian Defence Manufacturers के प्रेसिडेंट और L&T के Defence AND Smart Technologies के Whole Time Director जयंत डी पाटिल, FICCI की Defence and Aerospace Committee के Member और  Mahindra Defence के CHIEF STRATEGY OFFICER एन रवीस्वरन (N. Raveeswaran) और Deloitte में Partner सुमित सिंधानियां।


सबसे पहले नजर डाल लेते हैं भारत का डिफेंस सेक्टर पर। Deloitte के मुताबिक भारत रक्षा पर खर्च करने वाला तीसरा बड़ा देश है। भारत रक्षा उपकरणों का इंपोर्ट करने वाला चौथा बड़ा देश है। FY19 में रक्षा उपकरणों का इंपोर्ट 49 फीसदी बढ़ा है। दुनिया के कुल रक्षा सौदों का 9.2 फीसदी  भारत करता है। दुनिया के 15 रक्षा बजट में भारत का 5वां नंबर है। 2025 तक घरेलू उत्पादन बढ़ाकर 25 अरब डॉलर करने का लक्ष्य है। पब्लिक, प्राइवेट सेक्टर के लिए अच्छा माहौल बनाना लक्ष्य है।

 
डिफेंस सेक्टर- कहां से आई ग्रोथ

डिफेंस एक्सपोर्ट में हिस्सा बढ़ाना सरकार का लक्ष्य है। 2025 तक डिफेंस एक्सपोर्ट 35,000 करोड़ रुपए करने का लक्ष्य है। PSU,ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड के लिए सख्त लक्ष्य रखे गए हैं। 2025 तक 25 फीसदी आय एक्सपोर्ट से करना जरूरी है। आयात पर निर्भरता कम करना भी लक्ष्य है। प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी बढ़े इस पर सरकार का फोकस है। घरेलू माल पर निर्भरता बढ़े इसके लिए भी सरकार कोशिश कर रही है।

डिफेंस में मार्केट शेयर

Deloitte के मुताबिक डिफेंस में मार्केट शेयर की बात करें तो इसमें सरकारी कंपनियों की 79 फीसदी और प्राइवेट कंपनियों की 21 फीसदी हिस्सेदारी है। FY21 में डिफेंस सर्विस में हिस्सेदारी की बात करें तो Army की  55.54 फीसदी, Air Force की  22.67 फीसदी और Navy की 15.36 फीसदी, DRDO की 5.98 फीसदी और  Ordinance Factory Board की 0.45 फीसदी हिस्सेदारी है।

डिफेंस सेक्टर में अभी तक का पॉलिसी एक्शन

डिफेंस सेक्टर में ऑटोमेटिक रूट के जरिए FDI बढ़कर 74 फीसदी किया गया है।  सरकार ने 101 हथियारों के आयात पर रोक लगाई है। घरेलू उपकरण खरीदने के लिए बजट में 52,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। UP,तमिलनाडु में डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। सेक्टर पर कॉर्पोरेट टैक्स घटकर 15 फीसदी किया गया है।ॉ

बजट में डिफेंस पर खर्च (Source Deloitte)

वित्त वर्ष 2022 (अनुमानित) 6 लाख करोड़ रुपए,वित्त वर्ष 2021,  4.71 लाख करोड़ रुपए, वित्त वर्ष 2020,  4.48 लाख करोड़ रुपए, वित्त वर्ष 2019,  4.03 लाख करोड़ रुपए। 
 
बजट से डिफेंस सेक्टर की उम्मीदें

1 फरवरी को आने वाले बजट में डिफेंस सेक्टर पर खर्च बढ़ने का अनुमान है। जानकारों का मानना है कि भारत-चीन मतभेद के चलते आवंटन बढ़ सकता है। Make In India के तहत कंपनियों को ऑर्डर संभव  है। डिफेंस पर GST घटाकर 5 फीसदी करने की मांग है। आत्मनिर्भर भारत के तहत स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की मांग की जा रही है। इस साल इस सेक्टर पर कुल 6 लाख करोड़ रुपए के एलोकेशन का अनुमान है। बतां दें कि वित्त वर्ष 2021 में कुल 4.71 लाख करोड़ का एलोकेशन किया गया था।


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