बजट पेश होने में अब चंद दिन ही बचे हैं। ऐसे में हर सेक्टर की वित्त मंत्री से उम्मीदें है। कमोडिटी सेक्टर की भी अपनी डिमांड है। आइए जानते है कि एग्रीकल्चर सेक्टर की इस बजट से क्या खास उम्मीदें है। इसके अलावा एग्री कमोडिटी में Edible Oil की भी क्या उम्मीदें है।
एग्री सेक्टर को क्या चाहिए?
कृषि कानूनों को प्रभावी बनाने के लिए कदम उठाए जाए। एग्री सेक्टर के लिए आवंटन बढ़ाया जाए। एग्री सेक्टर की मांग है कि कृषि लोन, इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार अपना और फोकस बढाए। सिंचाई के साथ अच्छे क्वालिटी की बीज जरूरी है। एग्री सेक्टर में सरकार वेयरहाउस और ट्रांसपोर्टेशन के लिए खास कदम उठाए। उत्पादकता बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी पर जोर दें। साथ ही नकदी फसलों को बढ़ावा देने पर फोकस बढ़ाए। किसानों को नकद लाभ के लिए स्कीम लाए जाए।
अभी ये स्कीमें जारी
मौजूदा समय में PM KISAN, MGNREGA, 1 लाख करोड़ AGRI INFRA FUND, INTEREST SUBVENTION, PM KRISHI SINCHAI YOJNA, PM KISAN SAMPADA YOJNA स्कीमें जारी है।
तेल-तिलहन सेक्टर की मांग
तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए। खाने के तेलों के लिए इंपोर्ट पर भारी निर्भरता है इंपोर्ट ड्यूटी ऊंची रखकर तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देना चाहिए। अभी Edible Oil खपत का करीब 70% आयात है। नेशनल मिशन ऑन ऑयलसीड को सक्रिय किया जाए। ऑयलसीड मिशन में निजी सेक्टर को शामिल किया जाए। पंजाब, हरियाणा में सरसों की खेती को बढ़ावा मिले। तिलहन किसानों को MSP समेत दूसरे इनसेंटिव मिले। उत्पादकता बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी पर जोर हो। अच्छी क्वालिटी की बीज उपलब्ध कराई जाए।
जानकारों का कहना है कि सरकार को बजट में घरेलू कृषि रिसर्च के बढ़ावा पर फोकस बढ़ाना चाहिए। एग्रीकल्चर रिसर्च को इंडस्ट्री से जोड़ा जाना चाहिए। ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने पर कदम जरूरी है। सरकार को दालों और दूसरे अनाजों के साथ तिलहन को बढ़ावा देना चाहिए। मौजूदा फूड प्रोसेसिंग पर फोकस और बढ़ाने की जरूरत है। Genetically Modified क्रॉप को बढ़ावा मिले औऱ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम का दायरा बढ़ाया जाए।
एग्री सेक्टर से जुड़े जानकारों की इस बजट से उम्मीदें है कि सरकार तिलहन सेक्टर के लिए बजट आवंटन को बढ़ाए और Edible Oil सेक्टर में स्थिर ड्यूटी पॉलिसी लाए। रिफाइन ऑयल इंपोर्ट को पूरी तरह बंद किया जाए। बायो फ्यूल पर GST की दर घटाने की डिमांड है। किसानों को उनके फसल की सही कीमत मिले। साथ ही Edible Oil पर PDS के बजाए नकद सब्सिडी कार्ड शुरु किया जाए।
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