1 फरवरी को आने वाले बजट से बैंकिंग सेक्टर के बड़ी उम्मीदें है। बैंकिंग सेक्टर के लिए बजट में क्या हो सकता है और क्या होना चाहिए। इस पर सीएनबीसी-आवाज़ से बात की RBI के पूर्व डिप्टी गवर्नर एसएस मुंद्रा (SS Mundra) ने। इस बातचीत से ये निकल कर आया कि इस बजट में बैड बैंक बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। बैड बैंक NPA खरीद कर रिकवरी का काम करेगा। बैड बैंक से PSU बैंकों के प्राइवटाइजेशन में मदद मिलेगी।
बजट में नया डेवलपमेंट फाइनेंस इंस्टीट्यूशन (DFI) बनाने की भी चर्चा है। National Bank for Financing lnfra बिल की भी उम्मीद है। इसके लिए 1 लाख करोड़ Authorized Capital का प्रावधान संभव है।
इस बजट में दिवालिया हो चुके प्रोजेक्ट को टैक्स छूट मिल सकती है। ये छूट Capital Gains Tax और Stamp Duty से छूट के रुप में हो सकती है। रियल एस्टेट और इंफ्रा प्रोजेक्ट को राहत मिल सकती है। कुछ सरकारी बैंकों के निजीकरण की तैयारी है जिसकी झलक बजट में दिख सकती है। सरकारी बैंकों को और पूंजी निवेश संभव है।
2021 के बजट में 25 हजार करोड़ का प्रावधान हो सकता है। चालू साल में बैंकों को सरकार से 20 हजार करोड़ मिले हैं। वित्त वर्ष 2018-20 के दौरान सरकार ने बैंकों में 2.65 लाख करोड़ लगाए हैं। बैंकों में सरकारी हिस्सेदारी को होल्डिंग कंपनी के तहत लाया जा सकता है। रीजनल रुरल बैकों के लिए भी होल्डिंग कंपनी बनाने का विचार किया जा रहा है। इस बजट में बैंको की एसेट क्वालिटी पर फोकस होगा।
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