बजट की तैयारियों के बीच आज बैंकिंग सेक्टर और कैपिटल मार्केट के प्रतिनिधियों ने वित्तमंत्री के सामने सुझाव रखे। वित्तीय सेक्टर ने वित्त मंत्री से बैठक में सबसे ज्यादा जोर ग्रोथ पर दिया। बैंकों के मुताबिक बजट में सबसे ज्यादा फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट, MSME और एक्सपोर्ट जैसे सेक्टर में ग्रोथ बढ़ाने पर होना चाहिए। बैठक में NBFCs के प्रतिनिधि भी शामिल थे जिन्होंने बजट में NBFCs की लिक्विडिटी दिक्कतों को खत्म करने के प्रवाधान करने की मांग रखी। NBFCs ने वित्त मंत्री के सामने हाउसिंग फाइनेंस कपनियों की तरह NBFCs के लिए भी रिफाइनेंस विंडो बनाने की मांग की।
