टेलीकॉम कंपनियों ने सरकार से बजट में लाइसेंस फीस कम करने, स्पेक्ट्रम के इस्तेमाल पर GST खत्म करने और इनपुट टैक्स क्रेडिट का रिफंड देने की मांग की है। जानिए टेलीकॉम सेक्टर की बजट से और क्या उम्मीद कर रहा है।
सबसे ज्यादा टैक्स की मार झेल रही टेलीकॉम इंडस्ट्री सरकार से बजट में राहत की उम्मीद कर रही है। टेलीकॉम कंपनियों के मुताबिक कंपनियां हर साल सरकार को 58 हजार करोड़ रुपए टैक्स देती हैं और सरकार को कंपनियों को पर बोझ कम करना चाहिए।
टेलीकॉम कंपनियों की मांग है कि सरकार लाइसेंस फीस 8% से घटाकर 5 से 6% करे। एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू 8% है, सरकार को इसे भी घटाना चाहिए। साथ ही कंपनियां स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज भी तीन परसेंट देती हैं। इसे भी घटाने की मांग है। इसके अलावा स्पेक्ट्रम अधिग्रहण चार्ज पर अलग से GST देना पड़ता है, जिसे हटाने की मांग है। कंपनियां यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड में 5% का कंट्रीब्यूशन करती हैं, जिसे कम किया जाए। कंपनियां सरकार से 35 हजार करोड़ रुपए का इनपुट टैक्स रिफंड भी मांग रही हैं।
दूसरी तरफ टेलीकॉम इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों की मांग है कि सरकार आत्मनिर्भर भारत के तहत कंपनियों के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम जल्दी लागू करे।
कोरोना के बाद से वर्क फ्रॉम होम करने वाले लोगों को टेलीकॉम कंपनियों ने नई लाइफ लाइन दी है। अगर सरकार बजट में इन कंपनियों को राहत देती है तो कंपनियां ज्यादा निवेश कर सकेंगी और सेवाओं का स्तर भी सुधार सकेंगी।
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