होटल इंडस्ट्री की बजट उम्मीदें पर INDIAN HOTEL के MD&CEO और CII TOURISM COUNCIL के चेयरमैन पुनीत चटवाल ने सीएनबीसी-आवाज़ के साथ खास बातचीत में कहा कि टूरिज्म सेक्टर को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोरोना से होटल सेक्टर को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। हालांकि जुलाई के बाद से कारोबार में रिकवरी शुरू हुई है। नवंबर-दिसंबर में शानदार रिकवरी रही। अभी तक होटल में रिकवरी प्री-कोविड स्तर के 50 फीसदी रही है। छोटे टूरिस्ट स्पॉट पर ऑक्यूपेंसी अच्छी रही है। दिसंबर में रिजॉर्ट में ऑक्यूपेंसी 80-90 फीसदी रही है। हालांकि मेट्रो शहरों में होटलों में ऑक्यूपेंसी कम रही है। आगे स्थितियों में और सुधार देखने को मिलेगा। वैक्सीन को लेकर अच्छी खबरों से सेंटीमेंट में सुधार देखने को मिल रहा है जिसका फायदा आगे होटल इंडस्ट्री को जरूर मिलेगा। चौथी तिमाही में नतीजे शानदार रहेंगे।
पुनीत चटवाल ने इस बातचीत में कहा कि पूरी दुनिया में 10 फीसदी नौकरियां टूरिज्म सेक्टर से आती हैं। भारत में भी इस सेक्टर बड़ी मात्रा में रोजगार मिलता है। रोजगार बढ़ानें के लिए सरकार को इस सेक्टर पर फोकस करना चाहिए। अभी टूरिज्म सेक्टर का GDP में योगदान 8 फीसदी के आसपास है इसको बढ़ाकर 12 फीसदी तक किया जा सकता है। इसके लिए टूरिज्म सेक्टर को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा देने की जरूरत है। राज्यों के स्तर पर टूरिज्म को इंडस्ट्री का दर्जा मिलना चाहिए। होटल सेक्टर पर टैक्स घटाने की जरूरत है। टैक्स घटाने से भी टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी होगी।
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