बाजार की आगे की चाल, दिशा और आगामी बजट पर बात करते हुए कोटक एएमसी के एमडी और सीईओ नीलेश शाह ने कहा कि इस बजट से बाजार को बड़ी उम्मीदें हैं। ये बजट प्रो-ग्रोथ और प्रो-इंवेस्टमेंट होगा। पिछले कुछ सालों से प्राइवेट इंवेस्टमेंट बैकफुट पर है जिसे फ्रंटफुट पर लाने की कोशिश होगी। इस बजट से कैपिटल मार्केट को भी बड़ी उम्मीदें हैं। लॉन्गटर्म कैपिटल गेन में कटौती या बदलाव की उम्मीद है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर सरकार ग्रोथ पर फोकस करती है तो इकोनॉमी की कई समस्यायें अपने आप हल हो जाएंगी। ग्रोथ लाने के लिए उद्यमशीलता को प्रोत्साहन मिलना चाहिए और नए उद्यमियों को कारोबार के लिए आसानी से पूंजी मिलनी चाहिए। उद्यमशीलता को प्रोत्साहन मिला तो ग्रोथ अपने आप रफ्तार पकड़ लेगी। सरकार का फोकस ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर होना चाहिए। फिक्की की एक रिसर्च के मुताबिक भारत में किसी मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी को अपना कारोबार शुरू करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार से 1984 मंजूरियां लेनी होती हैं। इन नियमों में बदलाव और सरलीकरण की जरूरत है।
उन्होंने आगे कहा कि सराकार का स्ट्रेटेजिक डाइवेस्टमेंट पर जोर होना चाहिए। डाइवेस्टमेंट पर साल की शुरुआत से काम होना चाहिए। खपत के बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाने की जरूरत है।