इस बार बजट में घरेलू फार्मा सेक्टर में भी खासा जोर दिया जाएगा। फार्मा सेक्टर में रिसर्च एंड डेवलेपमेंट के लिए मौजूदा टैक्स छूट की सीमा एक बार फिर बढ़कर 200 फीसदी हो सकती है। घरेलू यूनिट्स को इस साल तक 150 फीसदी टैक्स की छूट मिल रही है। अगले साल से टैक्स राहत 100 फीसदी पर सीमित हो जाएगी।
सरकार का लक्ष्य विदेशी निवेशकों के लिए इज ऑफ डूइंग बढ़ाना है। इसके लिए फार्मा ब्यूरों के तहत सिंगल प्वाइंट इंटरफेस पर विचार किया जा रहा है। बता दें कि FY19 विदेशी निवेश में 74 फीसदी की गिरावट आई है जिसको लेकर सरकार परेशान है। फार्मा सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए इस बजट में बल्क मैन्युफैक्चरिंग पर कच्चे माल पर इंसेंटिव भी संभव है।
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