एक्सपोर्टर्स बजट में वित्तमंत्री से कई मोर्चों पर टैक्स रियायत और बड़े ऐलानों की उम्मीद कर रहे हैं। इनकी मांग है कि वित्त मंत्री प्रोडक्ट्स की लागत घटाने और ग्लोबल मार्केट में पहचान दिलाने में मदद के लिए बजट में कदम उठाएं।
एक्सपोर्टर्स को बजट में वित्त मंत्री से बहुत उम्मीदें हैं। एक्सपोर्टर्स टैक्स रियायत चाह रहे हैं क्योंकि अभी नॉन कॉरपोरेट MSMEs एक्सपोर्टर्स को 35 फीसदी तक टैक्स चुकाना पड़ता है। साथ ही प्रॉपराईटरशिप या पार्टनरशिप फर्म और LLPs टैक्स में राहत भी एक्सपोर्टर्स को चाहिए।
एक्सपोर्टर्स की संस्था FIEO ने वित्त मंत्री को कई सुझाव भेजे हैं। इनमें डबल टैक्स डिडक्शन स्कीम लाने की अपील की गई है। ताकि एक्सपोर्टर्स भी अपने टैक्सेबल इनकम पर डिडक्शन ले पाएं। इसके साथ ही देश के कुल निर्यात के आधी फीसदी कार्पस का एक एक्सपोर्ट डेवेलपमेंट फंड बनाने की भी मांग की गई है। इसके अलावा ग्लोबल टेंडर में सफलता हासिल करने वाली भारतीय कंपनियों को डीम्ड एक्सपोर्ट स्टेटस देने का सुझाव दिया गया है। साथ ही ग्लोबल मार्केट से मुकाबले के लिए को-प्रोडक्ट डेवलपमेंट और R&D के लिए टैक्स छूट की सीमा को मौजूदा 100 फीसदी से तत्काल बढ़ाना चाहिए।
आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत घरेलू जरूरतों के साथ साथ एक्सपोर्ट ओरिएंटेड मैनुफैक्चरिंग बढ़ाने पर सरकार का फोकस है ताकि वैसी आईटम्स का इम्पोर्ट कम हो सके जिसकी मैनुफैक्चरिंग देश में हो सकती है। ऐसे में एक्सपोर्टर्स का कहना है कि अगर उन्हें भी इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा सेक्टर की तरह प्रोडक्शन लिंक्ड इन्वेस्टमेंट यानि PLI स्कीम का फायदा मिले तो एक्सपोर्ट सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिल सकता है।
ट्रांसपोर्ट सेक्टर की बजट से उम्मीदें
लॉकडाउन में महीनों तक बंद रहे ट्रांसपोर्ट सेक्टर को अब बजट से कुछ राहत की उम्मीद है। देश भर के ट्रक ऑपरेटर्स सरकार से बजट में टैक्स संबंधी राहत की मांग कर रहे हैं। ट्रांसपोर्टर्स से बात की सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता रोहन सिंह ने जिसमें ट्रांसपोर्टर्स ने अपनी मांगे बताईं।
ट्रांसपोर्टर्स की मांग है कि इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 44E में बदलाव होना चाहिए। प्रिजम्पटिव टैक्स 1000 रुपए प्रति ट्रक से घटकर 300 रुपए होनी चाहिए सिर्फ Laden Weight पर टैक्स लगे। बैंकों से कैश निकालने पर TDS खत्म हो। अभी कैश निकालने पर 2 फीसदी TDS लगता है। कमर्शियल गाड़ियों के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पर GST में छूट मिलनी चाहिए। ट्रांसपोर्टर्स 0 फीसदी GST की भी मांग कर रहे हैं। अभी 18 या 12 फीसदी GST दर है।
सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।
