केंद्र सराकार ने 15वें फाइनेंस कमीशन के सुझावों के अनुरूप राज्यों को राजस्व घाटे की भरपाई के लिए पोस्ट डिवैल्यूएशन रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (post devolution revenue deficit grant) के तहत 10वीं मासिक किस्त जारी कर दी है। इसके तहत वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने कुल 14 राज्यों को 6196 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस संबंध में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने ट्वीट कर बताया कि 14 राज्यों को जो 6196 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, इस राशि से इन राज्यों को कोरोना से लड़ने के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने में मदद मिलेगी। राज्यों को यह राशि 7 जनवरी, 2021 को जारी की गई। इससे पहले इतनी ही राशि पिछले साल अप्राल से नवंबर क लिए जारी की गई थी।

वित्त मंत्रालय के आधिकारिक बयान के मुताबिक, जिन 14 राज्यों को राजस्व घाटे की भरपाई के लिए 6196 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, उनमें आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh), असम (Assam), हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh), केरल (Kerala), मणिपुर (Manipur), मेघालय (Meghalaya), मिजोरम (Mizoram), नगालैंड (Nagaland), पंजाब (Punjab), सिक्किम (Sikkim), तमिलनाडु (Tamil Nadu), त्रिपुरा (Tripura), उत्तराखंड (Uttarakhand) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) शामिल हैं। फाइनेंस कमीशन के मैकेनिज्म के तहत राजस्व घाटा होने पर केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को हुए घाटे की भरपाई करने का प्रावधान है।

FY2021 में भारत की Fiscal Deficit 7% रहने का अनुमान

वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान सरकार का राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) 7% रहने का अनुमान जताया गया है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इस वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा GDP के 7% के बराबर रहने का अनुमान है, क्योंकि कोरोना वायरस महामारी के कारण रेवेन्यू कलेक्शन में भारी कमी आई है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने इस वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को GDP के 3.5% तक रखने का लक्ष्य निर्धारित किया था। हालांकि, कुछ अर्थशास्त्रियों का कहना है कि राजकोषीय घाटा अच्छे टैक्स कलेक्शन के कारण कम रह सकता है। लेकिन वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि हाई टैक्स कलेक्शन राजकोषीय घाटे की भरपाई करने में सक्षम नहीं है।

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