हर साल केंद्रीय बजट (Budget 2021) आम लोगों के लिए ढेर सारी उम्मीद लेकर आता है। खासतौर पर मीडिल क्लास इनकम टैक्स दरों में राहत की उम्मीद करता है तो देश का गरीब और वंचित तबका अपने उत्थान के लिए सरकार की ओर देखता है। हालांकि इस बार आगामी बजट में मीडियम क्लास के लोगों को झटका लग सकता है, क्योंकि व्यक्तिगत इनकम टैक्स स्लैब (Personal Income Tax Slabs) में बदलाव होने की संभावना नहीं है। CNBC-TV18 के मुताबिक, 2021-22 के वित्तीय वर्ष के लिए आगामी बजट में व्यक्तिगत इनकम टैक्स स्लैब में संशोधन की कोई संभावना नहीं है।

समाचार चैनल ने बताया कि हालांकि, वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) अन्य उपायों के माध्यम से इनकम टैक्स में राहत देने पर विचार कर रहा है। वित्त मंत्रालय सेक्शन 80 C के तहत छूट की सीमा को बढ़ाने के अनुरोध पर विचार कर रहा है। वर्तमान में सेक्शन 80 C (Section 80C) के तहत 1.5 लाख रुपये की टैक्स छूट मिलती है। सरकार 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में सेक्शन 80 C के तहत मिलने वाली छूट को 1.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर सकती है।

यह बदलाव  निवेश को अधिक से अधिक बढ़ावा देगा और देश के समग्र विकास को बढ़ावा देगा। आगामी बजट में होम लोन के ब्याज और मूल धन दोनों के भुगतान पर कटौती की सीमा बढ़ा सकती है। मौजूदा टैक्स स्लैब 2.5 से 5 लाख रुपये के बीच के इनकम पर 5 प्रतिशत, 5 से 10 लाख रुपये के लिए 20 प्रतिशत और 10 लाख रुपये से अधिक के इनकम वालों पर 30 प्रतिशत है। नई टैक्स व्यवस्था के लिए चयन करने वाले व्यक्तियों के लिए दरें थोड़ी भिन्न हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2021 को बजट पेश करेंगी।

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