करदाता की यही पुकार, टैक्स घटाए मोदी सरकार

सूत्रों के मुताबिक राहत के विकल्प के तौर पर इनकम टैक्स का पहले स्लैब का दायरा बढ़ सकता है।

अपडेटेड Jan 15, 2019 पर 8:55 AM

मोदी सरकार के मंत्रियों नें सवर्ण आरक्षण को स्लॉग ओवर का सिक्सर बताया था और चेताया था कि आगे भी सरकार एसे चौको-छक्कों की बरसात कर सकती है तो क्या अंतरिम बजट में भी मोदी सरकार के वित्त मंत्री अरूण जेटली टैक्स के मोर्चे पर एक और सिक्सर मारने की तैयारी कर रहें हैं। 1 फरवरी को पेश होने वाले मोदी सरकार के इस अंतरिम बजट को देश के करीब पौने 7 करोड़ इंडिविज्युल टैक्स फाइलर्स बारीकी से सुनने वाले हैं।  तो क्या छोटे टैक्सपेयर्स और नौकरीपेशा टैक्स के फ्रंट पर राहत की उम्मीद रखें।  सीएनबीसी-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक अंतरिम बजट होने के बावजूद सरकार वोटरों को लुभाने के लिए इनकम टैक्स में खास ऐलान करने की तैयारी में है।

सीएनबीसी-आवाज़ को एक्सक्लूसिव जानकारी मिली है कि 1 फरवरी को पेश होने वाले अंतरिम बजट में मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा वर्ग को बड़ी सौगात मिलने वाली है। बजट में इनकम टैक्स से जुड़े बड़े एलान करने की तैयारी है।

सूत्रों के मुताबिक अंतरिम बजट में नौकरीपेशा वर्ग को बड़ा तोहफा मिल सकता है। छोटे टैक्सपेयर्स को बड़ी रियायतें दी जा सकती हैं, ये रियायत अप्रत्यक्ष तौर पर देने की बजाय सीधे दी जाएगी। सवर्णों को आरक्षण के बाद तालमेल की कोशिश की जाएगी क्योंकि 8 लाख/ सालाना आमदनी वाले आर्थिक रूप से पिछड़े माने गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक राहत के विकल्प के तौर पर इनकम टैक्स का पहले स्लैब का दायरा बढ़ सकता है। पहला स्लैब 2.5 लाख से 5 लाख रुपये के बीच है। दूसरे विकल्प के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ सकता है, अभी 40,000 रुपये का सालाना स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। पहले स्लैब में टैक्स दरें घटाने का विकल्प भी है। सूत्रों के मुताबिक 05 फीसदी, 20 फीसदी, 30 फीसदी के बीच की एक नई दर भी आ सकती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।