वित्त मंत्री ने इस बार के बजट में कॉरपोरेट टैक्स में कमी की शुरुआत कर दी है। हालांकि इसके लिए कई शर्त रखी गई गई हैं। नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए कॉरपोरेट टैक्स की दर 25 फीसदी होगी। लेकिन उन्हें सेस देना होगा और कोई टैक्स नहीं मिलेगी। इसी तरह 5 करोड़ से कम टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए टैक्स की दर 29 फीसदी और सेस होगी।
साथ ही कंपनियों को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स के फायदे का इस्तेमाल 3 के बजाए 2 साल में करना होगा। सरकार ने पेंशन और बीमा क्षेत्र में रिफॉर्म का भरोसा दिलाया है। वित्त मंत्री ने साफ किया है कि जनरल एंटी एवॉयडेंस रूल्स यानी जीएएआर अगले साल 1 अप्रैल से लागू होगा।
एचडीएफसी के वाइस चेयरमैन और सीईओ केकी मिस्त्री ने बजट को संतुलित बताते हुए कहा है कि इसमें इकोनॉमी की सभी जरूरतों को शामिल किया गया है। मार्केट एक्सपर्ट निलेश शाह के लिए बजट में अच्छी बात ये है कि घाटे के लक्ष्य को हासिल किया है तो दूसरी तरफ बजट से पीएसयू बैंकों को ज्यादा राहत नहीं मिली है।
मोतीलाल ओसवाल के को- फांउडर रामदेव अग्रवाल का कहना है कि बजट में बैंकों के रीकैपिटलाइजेशन के लिए कम पैसा मिला है। लेकिन फिस्कल कंसोलिडेशन के लिहाज से बजट अच्छा है।