Economic Survey 2020: इकोनॉमिक सर्वे में रेगुलेटर से जुड़ी अड़चनों पर भी बात की गई। रेगुलेटरी अड़चनों में सुधार की जरूरत को अहमियत दी गई है। भारत में किसी बिजनेस को शुरू करने और मैन्युफैक्चरिंग में नियम-कानून से जुड़ी कई मुश्किलें हैं।
सर्वे डॉक्यूमेंट के मुताबिक, "अगर आप भारत में कोई रेस्तरां खोलना चाहते हैं तो आपको पुलिस क्लियरेंस जैसी लोकल डॉक्यूमेंटेशन की जरूरत होती है।"
इकोनॉमिक सर्वे से पता चलता है कि इंडिया में एक रेस्तरां खोलने के लिए जितने लाइसेंस की जरूरत होती है वह दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले कम है।
चीन और सिंगापुर में रेस्तरां खोलने के लिए सिर्फ 4 लाइसेंस की जरूरत है। जबकि इंडिया में इसके लिए कई तरह के लाइसेंस और अप्रूवल की जरूरत होती है।
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के मुताबिक, बेंगुलुरु में रेस्तरां खोलने के लिए 36 अप्रूवल की जरूरत होती है। जबकि दिल्ली के लिए 26 और मुंबई के लिए 22 लाइसेंस की जरूरत है। दिल्ली और कोलकाता में रेस्तरां खोलने के लिए "पुलिस इटिंग हाउस लाइसेंस" की जरूरत होती है।
सर्वे में यह कहा गया है कि दिल्ली में रेस्तरां शुरू करने के लिए दिल्ली पुलिस से 45 डॉक्यूमेंट्स पर क्लियरेंस लेने की जरूरत पड़ती है। दिलचस्प है कि कोई हथियार खरीदने के लिए सिर्फ 19 और फायरवर्क्स के लिए 12 लाइसेंस की जरूरत होती है।
सर्विस सेक्टर को अपने रूटीन बिजनेस के लिए रेगुलेटर से जुड़ी कई अड़चनें दूर करनी पड़ती है। रोजगार और ग्रोथ के लिए बार और रेस्तरां का अहम योगदान होता है। दुनिया में कहीं भी यह सबसे ज्यादा रोजगार देते हैं।
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