मौजूदा केंद्र सरकार अपने पांच साल पूरे करने जा रही है। अब सबकी नजर अगले महीने पेश होने वाले अंतरिम बजट पर है। मोदी सरकार का 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य है और इसीलिए ऐसी अटकलें हैं कि सरकार अपने अंतिम बजट में किसान और खेती के लिए कुछ खास एलान कर सकती है। वैसे eNAM, फसल बीमा और सॉएल हेल्थ जैसे कदम कुछ खास असर नहीं छोड़ पाए हैं। इसीलिए इस बजट में सरकार कृषि क्षेत्र के लिए कुछ बड़े एलान की तैयारी कर रही है। सवाल ये है कि ऐसा क्या होगा कि बदल जाए खेती और कमोडिटी बाजार की तस्वीर। ये जानने के लिए ही सीएनबीसी-आवाज़ लेकर आया है ये खास पेशकश।
किसानों के हाल पर नजर डालें तो सरकार के फैसलों का जमीन पर असर नहीं देखने को मिल रहा है। देश का कृषि बाजार बिचौलियों के भरोसे है। एमएसपी बढ़ा है लेकिन किसानों को वाजिब दाम नहीं मिल रहा। eNAM प्रोजेक्ट पूरी तरह से बेअसर है। बाजार में नकली केमिकल्स की भरमार है। कृषि बाजार का इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने की जरूरत है। किसानों को पारदर्शी और आसान बाजार मिलना चाहिए। वायदा बाजार का दायरा बढ़ाने की जरूरत है। सरकार को कमोडिटी में फंड की किल्लत दूर करनी चाहिए। इसके अलावा कृषि उपज की खपत बढ़ाने पर फोकस होना चाहिए। खेती में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर होना चाहिए। सरकार को सिंचाई और गोदामों की क्षमता बढ़ाने पर फोकस करने की जरूरत है। eNAM को प्रभावी बनाने के लिए सरकार को बजट बढ़ाना होगा।