सीएनबीसी आवाज के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में वित्त सचिव ने कहा, सभी कीमतें तय होने के बाद ही कोरोना वैक्सिन पर होने वाले खर्च का पता चल सकेगा।  कोरोना वैक्सिन की कीमत और इसके लॉजिस्टिक कॉस्ट का आकलन जारी है। होटल, टूरिज्म जैसे सेक्टर को बजट में राहत मिल सकती है। सीएनबीसी आवाज के साथ हुई इस बातचीत में वित्त सचिव अजय भूषण पांडे ने कहा है कि इन सेक्टर में अभी भी दिक्कतें हैं और बजट में हर मुमकिन कदम उठाएंगे।

इन सेक्टर में चुनौती है इसके पीछे क्या ये वजह नहीं है कि पिछले दिनों जो राहत पैकेज दिया उसमें इन सेक्टर के लिए कोई ऐलान नहीं किया औऱ अब मदद की जरूरत है? इस सवाल के जबाव में उन्होंने कहा कि अभी भी कई एक्टिविटी काफी सीमित तरीके से चल रहे हैं। होटल, एयरलाइंस भी अभी काफी सीमित तरीके से चल रही हैं। सरकार ने कोई मदद नहीं की, ये कहना सही नहीं है। बजट में किन किन सेक्टर को क्या मिलेगा ये तो बजट में बताएंगे। अभी बजट को लेकर हर संबंधित सेक्टर से बात कर रहे हैं। हर सेक्टर की समस्या को समझने की कोशिश कर रहे हैं। सेक्टर की समस्या के लिए क्या करने की जरूरत है इस पर विचार चल रहा है। किस सेक्टर में, किस स्कीम में खर्च बढ़ाने की जरूरत है इसका ऐलान बजट में होगा।

सरकार अभी कोरोना वैक्सिन पर आने वाले खर्च औऱ इसके लॉजिस्टिक कॉस्ट का आकलन कर रही है। सीएनबीसी आवाज के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में वित्त सचिव अजय भूषण पांडे ने कहा कि जब ये आकलन पूरी तरह से कर लिया जाएगा तभी पता चलेगा कि सरकार को इस मद में कितना बजट आबंटित करना होगा।

जीएसटी कलेक्शन का आंकड़ा कितना उत्साहजनक है। इस सवाल का जवाब देते हुए अजय भूषण पांडे ने कहा कि दिसंबर में GST के तहत टैक्स की वसूली अब तक का सबसे ज्यादा है। दिसंबर में आम तौर पर टैक्स की वसूली कम होती है, फिर भी इस बार रिकॉर्ड वसूली हुई है। GST टैक्स कलेक्शन के पीछे अर्थव्यवस्था में सुधार एक बड़ी वजह है। टैक्स चोरी रोकने के लिए उठाए गए कदम भी कलेक्शन बढ़ने की एक वजह रहे हैं। इनकम टैक्स और GST रिटर्न के आपस में मिलान की शुरुआत के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। GST के सिस्टम में सुधार की वजह से भी वसूली में बढ़ोतरी हुई है। 1 जनवरी से 100 करोड़ रु से ज्यादा के कारोबारियों के लिए ईलेक्ट्रॉनिक इन्वॉयस जरूरी कर दिया गया है। इनकम टैक्स के तहत वसूली में गिरावट थमी है। सितंबर अंत तक इनकम टैक्स में 22  फीसदी तक गिरावट थी जो दिसंबर में 9.9 फीसदी तक आ गई
 
जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े देखें तो क्या लगता है कि अभी भी कोई सेक्टर है जहां दिक्कत है? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी, ट्रांसपोर्ट में अभी भी चुनौती है। इन सेक्टर पर अभी भी कोरोना का असर है। अभी भी कई एक्टिविटी काफी सीमित तरीके से चल रहे हैं। होटल, एयरलाइंस भी अभी काफी सीमित तरीके से चल रही हैं।

क्या बढ़े हुए टैक्स कलेक्शन के बाद सरकार खर्च ज्यादा करने की स्थिति में है? इसकी जवाब देते हुए अजय भूषण पांडे ने कहा कि बढ़े हुए टैक्स कलेक्शन से राजस्व पर दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अंतिम एक दो महीने में टैक्स की वसूली बढ़ी है। इससे पहले 4-5 महीने में हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती है।

बजट बाकी बजट से कैसे अलग होगा? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हमने कई आत्मनिर्भर पैकेज दिए, इस बजट में भी जो मुमकिन हो सकेगा हम करेंगे।

विवाद से विश्वास स्कीम पर बात करते हुए अजय भूषण पांडे ने कहा कि दिसंबर में विवाद से विश्वास स्कीम में आवेदन ज्यादा आने लगे हैं। अब तक स्कीम के तहत 96 हजार आवेदन आए हैं। अभी कुल 5 लाख 10 विवाद पेंडिंग हैं। पिछली सभी ऐसी स्कीम से ये स्कीम काफी ज्यादा सफल रही है।

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