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'आजादी का अमृत महोत्सव' के लिए अलग से बजट का आवंटन नहीं, सरकार ने लोकसभा को बताया

सरकार ने संसद को बताया है कि आजादी का अमृत महोत्सव के बारे में अलग के किसी बजट का आवंटन नहीं किया गया है। इससे जुड़े सभी कार्यक्रम के आयोजन के लिए मंत्रालयों, राज्य सरकारों और उनसे संबंधित संस्थाओं ने अपने बजट से पैसे खर्च किए हैं। केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी लोकसभा को दी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 12, 2023 पर 4:00 PM
'आजादी का अमृत महोत्सव' के लिए अलग से बजट का आवंटन नहीं, सरकार ने लोकसभा को बताया
आजादी के 75 साल के मौके पर 75 हफ्तों के प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इसमें देश की विविधता, संस्कृति और भाषाओं से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए।

सरकार ने 'आजादी का अमृत महोत्सव' (Azadi ka Amrit Mahotsav) के बारे में एक अहम जानकारी दी है। सरकार ने संसद को बताया है कि आजादी का अमृत महोत्सव के लिए अलग के किसी बजट का आवंटन नहीं किया गया है। इससे जुड़े सभी कार्यक्रम के आयोजन के लिए मंत्रालयों, राज्य सरकारों और उनसे संबंधित संस्थाओं ने अपने बजट से पैसे खर्च किए हैं। केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी लोकसभा को दी है। आजादी का अमृत महोत्सव (AKAM) के प्रोग्राम के मकसद के बारे में सरकार से सवाल पूछा गया था। एकेएएम से जुड़े कार्यक्रमों का राज्यवार ब्योरा भी मांगा गया था। रेड्डी ने कहा कि एकेएएम के लिए अलग बजट का प्रावधान नहीं किया गया था।

आजादी के 75 साल के मौके पर 75 हफ्तों के प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इसमें देश की विविधता, संस्कृति और भाषाओं से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। रेड्डी ने कहा कि जनभागीदारी के साथ महोत्सव का आयोजन जन उत्सव के रूप में किया गया। प्रधानमंत्री ने न सिर्फ 75 हफ्ते लंबे फेस्टिवल की शुरुआत की बल्कि उन्होंने प्रतिकात्मक 386 किलोमीटर लंबी डांडी यात्रा को भी झंडा दिखाकर रवाना किया। ऐतिहासिक नमक सत्याग्रह की 91वीं वर्षगांट के मौके पर ऐसा किया गया। एकेएएम के तहत पिछले दो साल में 2 लाख से ज्यादा कार्यक्रम के आयोजन किए गए। इन कार्यक्रमों में देशभर के लोगों ने हिस्सा लिया।

कुल 2 लाख कार्यक्रमों में से करीब 1.9 लाख अलग-अलग मंत्रालयों, विभागों, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की तरफ से आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि जिले के स्तर पर आजादी की लड़ाई से जुड़ी घटनाएं और कार्यक्रमों का पता लगाने और उन कहानियों को दस्तावेज में दर्ज करने के लिए डिजिटल डिस्ट्रिक्ट रिपॉजिटरी तैयार की गई है। अब तक 14,500 कहानियों को संकलित किया गया है और पोर्टल पर अपलोड किया गया है।

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