सूत्रों के मुताबिक बजट में रेंटल हाउसिंग के लिए रियायतों का ऐलान मुमकिन है। रेंटल हाउसिंग की बुनियादी सुविधाओं को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा संभव है। इसको इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा मिलने से सस्ते में कर्ज मिल सकेगा। बजट में छोटे मझौले घऱों से मिलने वाले किराये पर टैक्स की दरें घटाई जा सकती हैं। सिर्फ किराये के मकसद से बनाए जाने वाले प्रोजेक्ट को कैपिटल गेंस टैक्स से छूट भी संभव है।
रेंटल प्रोजेक्ट के लिए विदेशी निवेश यानी FDI की शर्तों में ढील दी जा सकती है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 IBA के तहत टैक्स छूट का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है। सेक्शन 80 IBA के तहत अफोर्डबल हाउसिंग की कीमत और साईज में बढ़ोतरी की जा सकती है। बता दें कि सेक्शन 80 IBA के तहत 100 फीसदी डिडक्शन मिलता है। सूत्रों के मुताबिक हाउसिंग मिनिस्ट्री ने बजट को लेकर वित्त मंत्रालय को सिफारिशें भेजी हैं। वित्त मंत्रालय इन सिफारिशों पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
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