सरकार ने बजट में स्टार्टअप्स के लिए खास एलान किए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि स्टार्टअप्स पर टैक्सजेशन के बोझ को कम करना है। साथ ही लार्ज स्टार्टअप्स की परिभाषा में भी बदलाव किया है। नए प्रस्ताव के मुताबिक अब 25 करोड़ टर्न ओवर की बजाय 100 करोड़ टर्नओवर वाले स्टार्टअप्स को लार्ज स्टार्टअप्स की कैटेगरी में रखा जाएगा।
टैक्स छूट का दायरा 25 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये किया गया है। डिडक्शन क्लेम की सीमा 7 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी गई है। बजट में स्टार्टअप के ESOP पर टैक्स के नियम आसान हुए हैं। अब ESOP पर 5 साल बाद टैक्स की देनदारी बनेगी। अभी तक स्टार्टअप ESOP के लेकर कई दिक्कतें हैं सिर्फ 200 अर्ली स्टेज स्टार्टअप्स को ही ESOP स्कीम का फायदा मिलता है।
स्टार्टअप के लिए दूसरे बड़े एलान पर नजर डालें तो बजट में स्टार्टअप इंवेस्टमेंट क्लियरेंस सेल के गठन का एलान किया गया है। कारोबार के लिए बेहतर माहौल बनाने पर की बात की गई है जिसके लिए कंपनी एक्ट में बदलाव किया जाएगा। बजट में मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस है। घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देनें के लिए की घोषणाएं की गई हैं। मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर को भारत में बनाने पर जोर से स्टार्टअप को फायदा होगा।