कॉरपोरेट पर करम तो कंज्यूमर पर सितम क्यों उनपर टैक्स घटाया बहुत अच्छा किया अब हमारा भी तो इनकम टैक्स घटाओ सरकार। क्या इस बार बजट में इनकम टैक्स में बड़ी छूट मिलेगी। इंडिया की स्टोरी को कंज्यूमर की स्टोरी बताया जाता है तो फिर एक ऐसे वक्त में जब इंडियन इकोनॉमी को बूस्ट देने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं तो फिर इकोनॉमी के सबसे बड़े स्टेक होल्डर यानि कंज्यूमर को आप कैसे छोड़ सकते हैं। हम आर्थिक सुधारों में एक के बाद एक बड़े कदम उठा रहे हैं तो फिर क्या हमारा टैक्स सिस्टम और हमारा टैक्स स्ट्रक्चर भी बदलना नहीं चाहिए। लगता तो है कि इस बार बजट में इनकम टैक्स में कुछ ना कुछ बदलाव जरूर होगा। मगर क्या बदलाव होगा।

इस पर चर्चा के लिए हमारे साथ जुड़ गए हैं KCC Group के फाउंडर शरद कोहली, टैक्सपेयर्स एसोसिएशन ऑफ भारत के नेशनल प्रेसिडेंट मनु गौड़ और Taxman के DGM नवीन वाधवा।

इस बीच खबर है कि फरवरी में पेश होने वाले बजट में इनकम टैक्स पेयर्स को बड़ी राहत मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय इनकम टैक्स में छूट देने के अलग अलग विकल्पों पर विचार कर रहा है।  सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक इनकम टैक्स रीबेट में छूट की सीमा 5 लाख से बढ़ाने का विकल्प है। इनकम टैक्स में छूट की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। लेकिन इनकम टैक्स छूट की सीमा बढ़ाए बगैर टैक्स की दरों में बदलाव की संभावना ज्यादा है। सूत्रों के मुताबिक टास्क फोर्स की सिफारिशों को आंशिक तौर पर अमल करने पर विचार किया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक टास्क फोर्स की सिफारिश है कि 2.5 लाख से 10 लाख तक की आमदनी पर 10 फीसदी की दर से, 10 से 20 लाख तक की आमदनी पर 20 फीसदी की दर से, 20 लाख से 2 करोड़ रु तक की आमदनी पर 30 फीसदी की दर से, 2 करोड़ रु से ज्यादा की आमदनी पर 35 फीसदी की दर से टैक्स लगाया जाए।

सूत्रों के मुताबिक टास्क फोर्स की सिफारिश मानने पर सालाना 55000 करोड़ रु की अतिरिक्त आमदनी का अनुमान है। इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले प्रधानमंत्री के सामने इसका प्रेजेंटेशन हो सकता है। प्रधानमंत्री कार्यालय की हरी झंडी के बाद ही प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जाएगा। जनवरी के आखिरी हफ्ते में इस पर अंतिम फैसला हो सकता है।

क्यों घटना चाहिए टैक्स?

- इकोनॉमी में तेजी के लिए राहत जरूरी
- टैक्स घटेगा तो कंज्यूमर को राहत मिलेगी
- कंज्यूमर खर्च करेगा को इकोनॉमी बढ़ेगी
- वित्तीय अनुशासन के मुकाबले ग्रोथ जरूरी
- FISCAL DEFICIT टार्गेट छोड़ने पर विचार
- सरकार दे चुकी है कॉरपोरेट टैक्स राहत

कैसे मिल सकती है राहत?

- इनकम टैक्स से छूट की सीमा बढ़ाकर
- टैक्स की मौजूदा दरों में फेरबदल करके
- टैक्स स्लैब की सीमा में फेरबदल करके
- टैक्स डिडक्शन की सीमा में बदलाव करके
- टैक्स डिडक्शन के नए उपाय लागू करके

इनकम टैक्स में दिक्कतें

- ऊंचे टैक्स रेट, टैक्स वसूली कम
- ऊंचे दर से टैक्स चोरी की प्रवृति
- अभी 30 फीसदी तक है इनकम टैक्स दर
- दुनिया में सबसे ज्यादा दरों में से एक
- प्रति व्यक्ति आय कम, टैक्स छूट ज्यादा
- 1 फीसदी से भी कम लोग देते हैं इनकम टैक्स
- कृषि पर इनकम टैक्स का ना होना
- प्रोग्रेसिव टैक्स से चोरी की प्रवृति
- ज्यादा इनकम पर ऊंची दर से टैक्स

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