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Union Budget 2023: भविष्य के लिए नए शहर बनाने और बसाने का काम अभी से शुरू कर देना होगा

Budget 2023: इंडिया की आबादी 1.42 अरब हो गई है। अभी 33 फीसदी आबादी शहरों में रहती है। 2051 तक यह बढ़कर 50 फीसदी हो जाएगा। ऐसे में हमें कम से कम 15 नए शहरों की जरूरत पड़ेगी। ये शहर ऐसे होने चाहिए, जिसमें सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों

Translated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jan 28, 2023 पर 12:21 PM
Union Budget 2023: भविष्य के लिए नए शहर बनाने और बसाने का काम अभी से शुरू कर देना होगा
कोई देश तब विकास करता है जब नॉन-ट्रेडिशनल सेक्टर्स, इंडस्ट्री और सर्विसेज ग्रोथ दिखाती हैं। इनकी ग्रोथ ज्यादातर शहरों में होती है।

टी के अरुण

Budget 2023: फिस्कल डेफिसिट पर नजर रखने वाली रेटिंग एजेंसियों और एनालिस्ट्स को सरकार की तारीख करनी चाहिए, क्योंकि सुस्ती पड़ती ग्लोबल इकोनॉमी के बीच इंडियन इकोनॉमी ने अच्छी रिकवरी दिखाई है। अब इंडिया को नई सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। ऐसे बड़े प्रोजेक्ट में इनवेस्ट करना होगा, जिससे इंडिया में बनने वाली मशीन और मैटेरियल के लिए अच्छी मांग पैदा हो सके। साथ ही जिसमें देश के कुशल और अकुशल श्रम को इंगेज करने की गुंजाइश हो। नई सिटी (City) बनाना एक अच्छा विकल्प है। नई सिटी बनाने में पैसे का इंतजाम करने से ज्यादा चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट की प्लानिंग, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट और समन्वय है। आम तौर पर किसी सिटी का मालिकाना हक किसी व्यक्ति या कंपनी के पास नहीं होता है।

नई सिटी का मालिकाना हक ऐसे कई इंडीविजुअल्स के पास हो सकता है, जिन्हें नई सिटी में अपने लिए और देश के लिए बड़े मौके दिख रहे हैं। चीन की दो-तिहाई आबादी शहरों में रहती है। इंडिया में यह अनुपात इसका आधा है। कोई देश तब विकास करता है जब नॉन-ट्रेडिशनल सेक्टर्स, इंडस्ट्री और सर्विसेज ग्रोथ दिखाती हैं। इनकी ग्रोथ ज्यादातर शहरों में होती है। नई नौकरियां ऐसे सेक्टर में पैदा होती हैं, जिनकी ग्रोथ एग्रीकल्चर जैसे ट्रेडिशनल सेक्टर के मुकाबले तेज होती है। लोग रोजगार के लिए गांव से शहर जाते हैं और इस तरह शहरीकरण बढ़ता है।

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