अगले यूनियन बजट (Union Budget) में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर सरकार का फोकस हो सकता है। इसके तहत कुछ खास अपराधों और श्रम कानूनों को अपराध की कैटेगरी से बाहर किया जा सकता है। इस बारे में सभी पक्षों के साथ मंत्रालयों की शुरुआती बातचीत हुई है। मामले से जुड़े सूत्रों ने इस बारे में जानकारी दी है। इंडिया जैसे देश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को पहली प्राथमिकता बनाने की जरूरत है। यहां काम करने वाले लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। इस दिशा में सरकार कई कदम उठा सकती है। इसके लिए प्रोसिजर, टैक्सेशन और लेबर लॉज सहित कई स्तर पर उपाय करने होंगे। श्रम कानून में 68.2 फीसदी प्रावधान अपराध के दायरे में आते हैं। सूत्र ने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए कॉमर्स मिनिस्ट्री और नीति आयोग की भी बातचीत हुई है। इस मसले पर हुई बैठकों में कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल भी शामिल थे।
