Get App

Budget 2024 : 1 फरवरी को आएगा अंतरिम बजट, जानिए 2019 में पेश अंतरिम बजट की खास बातें

2019 में लोकसभा चुनाव हुए थे। उस साल केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश किया था। इसकी वजह यह थी कि तब वित्त मंत्री अरुण जेटली इलाज के लिए विदेश गए थे। चुनावों के बाद नरेंद्र मोदी की अगुवाई में दोबारा भाजपा की सरकार बनने के बाद पूर्ण बजट 5 जुलाई को पेश हुआ था। इसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 24, 2023 पर 5:07 PM
Budget 2024 : 1 फरवरी को आएगा अंतरिम बजट, जानिए 2019 में पेश अंतरिम बजट की खास बातें
2019 के अंतरिम बजट में पीयूष गोयल ने कई बड़े ऐलान किए थे। उन्होंने किसानों, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, इनकम टैक्स पेयर्स, एमसएमई सहित कई वर्गों के लिए बड़े ऐलान किए थे। सबसे ज्यादा जिस घोषणा की चर्चा हुई थी वह थी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना। सरकार ने इस योजना के तहत किसानों के एक साल में छह हजार रुपये उनके बैंक खातें में डालने का ऐलान किया था। इस योजना का लाभ ऐसे किसान उठा सकते थे, जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम जमीन थी।

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2024 को अंतरिम बजट (Interim Budget) पेश कर सकती है। अभी सरकार ने इसका औपचारिक ऐलान नहीं किया है। लेकिन, आम तौर पर जिस साल लोकसभा चुनाव होते हैं, उस साल मौजूदा सरकार 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करती है। चुनावों के नतीजों के बाद जो नई सरकार बनती है, वह बाद में पूर्ण बजट पेश करती है। इससे पहले 2019 में लोकसभा चुनाव हुए थे। उस साल केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश किया था। इसकी वजह यह थी कि तब वित्त मंत्री अरुण जेटली इलाज के लिए विदेश गए थे। चुनावों के बाद नरेंद्र मोदी की अगुवाई में दोबारा भाजपा की सरकार बनने के बाद पूर्ण बजट 5 जुलाई को पेश हुआ था। इसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया था।

अंतरिम बजट का मतलब क्या है?

अंतरिम बजट के जरिए पूर्ण बजट पारित होने तक सरकार के खर्च का इंतजाम होता है। लेकिन, इसमें पूरे साल का फाइनेंशियल स्टेटमेंट शामिल होता है। सरकार पूरे वित्त वर्ष के खर्च का अनुमान पेश करती है। टैक्स के जरिए सरकार को मिलने वाली रकम का अनुमान शामिल होता है। साथ ही सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों के खर्च के लिए आवंटन होता है। कई बार अंतरिम बजट के प्रस्तावों और पूर्ण बजट के प्रस्तावों में अंतर होता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें