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Budget@10 : इन 5 बदलावों से इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग हो गई है बहुत आसान

टैक्स रिटर्न फाइलिंग में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ा है। फेसलेस एसेसमेंट की शुरुआत हुई है। अब इनकम टैक्स रिटर्न की जल्द प्रोसेसिंग हो रही है। रिफंड्स भी जल्द इश्यू हो रहे हैं। पिछले कुछ सालों में दोनों ही रीजीम में टैक्स लायबिलिटी घटी है। टैक्स की ओल्ड रीजीम में 5 लाख रुपये तक की इनकम पर अब टैक्स जीरो हो गया है। नई रीजीम में 7 लाख रुपये तक की सालाना इनकम पर टैक्स जीरो हो गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 13, 2023 पर 2:11 PM
Budget@10 : इन 5 बदलावों से इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग हो गई है बहुत आसान
TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) का रेट बढ़ने से विदेश जाना महंगा हो गया है। विदेश में निवेश करने के लिए भी अब ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। टीसीएस के रेट को 5 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया गया है।

पिछले 2-3 सालों में इनकम टैक्स (Income Tax) के मामले में बड़े बदलाव आए हैं। सरकार ने 2020 में इनकम टैक्स की नई रीजीम (Income Tax New Regime) शुरू की थी। टैक्स रिटर्न फाइलिंग में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ा है। फेसलेस एसेसमेंट की शुरुआत हुई है। अब इनकम टैक्स रिटर्न की जल्द प्रोसेसिंग हो रही है। रिफंड्स भी जल्द इश्यू हो रहे हैं। पिछले कुछ सालों में दोनों ही रीजीम में टैक्स लायबिलिटी घटी है। टैक्स की ओल्ड रीजीम में 5 लाख रुपये तक की इनकम पर अब टैक्स जीरो हो गया है। नई रीजीम में 7 लाख रुपये तक की सालाना इनकम पर टैक्स जीरो हो गया है। हालांकि, TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) का रेट बढ़ने से विदेश जाना महंगा हो गया है। विदेश में निवेश करने के लिए भी अब ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। टीसीएस के रेट को 5 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया गया है। आइए इनकम टैक्स से जुड़ी उन पांच अच्छी चीजों के बारे में जानते हैं जो पिछले कुछ सालों में शुरू की गई हैं।

1. नई टैक्स रीजीम

इनकम टैक्स की नई रीजीम 2020 में शुरू हुई थी। इस रीजीम में टैक्स के रेट्स कम हैं लेकिन डिडक्शंस और एग्जेम्पशंस के फायदे नहीं मिलते हैं। बजट 2023 में नई टैक्स रीजीम में 7 लाख रुपये तक की सालाना इनकम पर रिबेट का ऐलान किया गया था। इससे 7 लाख रुपये तक की सालाना इनकम पर टैक्स जीरो हो जाता है। साथ ही नई रीजीम में भी 50,000 रुपये सालाना स्टैंडर्ड डिडक्शन देने का भी ऐलान हुआ था। इससे नई टैक्स रीजीम अट्रैक्टिव हो गई है।

2. ओल्ड रीजीम में टैक्स रिबेट

इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम में सालाना 5 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं है। कई तरह के डिडक्शंस और एग्जेम्प्शंस का दावा करने पर 'टैक्स-फ्री लिमिट' और बढ़ जाती है। उदाहरण के लिए अगर नौकरी करने वाले किसी व्यक्ति की सालाना इनकम 7 लाख रुपये है तो सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये के डिडक्शंस का दावा करने पर 50,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन की वजह से उसकी टैक्स लायबिलिटी जीरो हो जाती है।

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