गरीबों को हर महीने तय आमदनी देने के लिए सरकार बजट में यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम का ऐलान कर सकती है। सीएनबीसी-आवाज़ आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक इस स्कीम के ऐलान के साथ ही कई शर्तें भी जोड़ी जा सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक इस स्कीम को अंतिम समय में बजट भाषण में शामिल किया जा सकता है। ये स्कीम अरविंद सुब्रमणियन के सुझाव से अलग होगी। बता दें कि आर्थिक सर्वे 2016-17 में इस स्कीम की सिफारिश की गई थी।
इस स्कीम में सबके बजाय सिर्फ गरीबों को शामिल किया जा सकता है। इसका आधार चल-अचल संपत्ति, आमदनी, पेशे को बनाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक सरकार स्कीम के साथ सब्सिडी खत्म करने का कदम नहीं उठाना चाहती। सब्सिडी खत्म करने में राजनीतिक नुकसान की आशंका है। बता दें कि फूड सब्सिडी के तौर पर सालाना 169323 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। वहीं, मनरेगा में सालाना 55 हजार करोड़ रुपये खर्च होते हैं। सूत्रों के मुताबिक अगर स्कीम सफल हुई तो सब्सिडी किस्तों में खत्म की जा सकती है। इस स्कीम को पूरे देश में एक साथ लागू करने के बजाय चरणों में लागू किया जा सकता है। स्कीम को पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुनिंदा जिलों में लागू किया जा सकता है।