यूपी सरकार ने 18 फरवरी को फिस्कल ईयर 2020-2021 के लिए बजट पेश किया है। योगी सरकार ने इस बार  5,12,860.72 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया है जो पिछले फिस्कल ईयर के मुकाबले 33,159 करोड़ रुपए ज्यादा है। पिछले साल यूपी सरकार का बजट 4,79,701.10 करोड़ रुपए का था।

इस साल सरकार का फोकस नई योजनाओं पर रहा है। नई योजनाओं के लिए 10,967.87 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

क्या हैं योजनाएं?

27 करोड़ रुपए उन पुलिसवालों के परिवार के लिए आवंटित किया गया है जो ड्यूटी के दौरान मारे गए। 900 करोड़ रुपए का बजट मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के लिए दिया गया है। यह दिल्ली से शुरू होगा। इसके साथ ही 358 करोड़ रुपए कानपुर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए आवंटित किया गया है। आगरा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए 286 करोड़ रुपए और 200 करोड़ रुपए गोरखपुर और दूसरे शहरों में मेट्रो के लिए दिए हैं।

अयोध्या में उच्च स्तरीय पर्यटक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 85 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। अयोध्या हवाई अड्डे के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रस्ताव है। तुलसी स्मारक भवन के नवीकरण के लिए सरकार ने 10 करोड़ रुपए का आवंटन किया है।

यूपी के फाइनेंस मिनिस्टर सुरेश खन्ना ने आज यूपी का बजट पेश किया। खन्ना ने वाराणसी में संस्कृति केंद्र की स्थापना के लिए 180 करोड़ रुपए का प्रस्ताव है जबकि काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए 200 करोड़ रुपए दिए हैं। गोरखपुर के रामगढ़ ताल में वॉटर स्पोर्ट्स के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में है।

यह योगी सरकार का चौथा बजट है। वित्त मंत्री का बजट भाषण पूरा होते ही BSP के नेता लालजी वर्मा ने बजट को "दिशाहीन" करार दिया। इस पर अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि सदस्य को बजट पर चर्चा के दौरान बोलने का अवसर मिलेगा।

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