पिछले बजट में वित्त मंत्री ने गोल्ड पॉलिसी लाने का एलान किया था। उन्होंने कहा था कि नई पॉलिसी से सोने का इंपोर्ट और ज्वेलरी एक्सपोर्ट में सहूलियत होगी। लेकिन अब तक ये पॉलिसी जमीन पर नहीं आ सकी है और नीति आयोग की सिफारिश के बावजूद सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी के मामले में सरकार टस से मस नहीं हुई है। अब मोदी सरकार के लिए ज्वेलर्स को खुश करने का अंतिम मौका है। उम्मीद है कि ये मौका सरकार चूकेगी नहीं। क्या है उम्मीदें इस पर बात करते हुए इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा कि एलान के बावजूद गोल्ड पॉलिसी जमीन पर नहीं आ सकी है। सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी काफी ज्यादा है। ज्वेलरी कारोबार में फाइनेंस की बड़ी दिक्कत है। ज्वेलरी हॉलमार्किंग पर पर्याप्त काम नहीं हुआ है पूरे देश में ज्वेलरी हॉलमार्किंग लागू की जानी चाहिए।