केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के आखिरी बजट की तारीख नजदीक आ चुकी है। ये कयास लगाया जा रहा है कि चुनावी साल में सरकार लोक लुभावन बजट ला सकती है। इसी वजह से ज्वेलर्स और बुलियन इंडस्ट्रीज को भी इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। वैसे सरकार की ओर से पिछले साढ़े चार साल के दौरान इस सेक्टर को कई उम्मीदें दिखाई गईं। लेकिन ना तो अब तक सबसे बड़ी मांग सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती हो सकी और ना ही पूरे देश में ज्वेलरी हॉलमार्किंग को जरूरी किया जा सका। कड़े रेगुलेशन से ये सेक्टर गिरती बिक्री से जूझ रहा है। लिहाजा पिछले साढ़े चार साल के दौरान एक्साइज ड्यूटी और उसके बाद नोटबंदी और जीएसटी के झटकों को झेल चुके ज्वेलर्स को इस बजट से काफी उम्मीदें है।
