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बजट से क्या हैं इंडस्ट्री की अपेक्षाएं

उदय कोटक का कहना है कि सिस्टम में नकदी की कमी नहीं है लेकिन इसकी लागत काफी ज्यादा है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 03, 2019 पर 1:44 PM
बजट से क्या हैं इंडस्ट्री की अपेक्षाएं

PM मोदी के दूसरे दौर में बजट की तैयारियां जोरों पर हैं और वित्त मंत्रालय का इंडस्ट्री के साथ बैठकों का भी दौर भी शुरू हो गया है। इस बजट में इंडस्ट्री क्या चाहती है, आइए जानते हैं।

उद्योग संगठन CII ने कर्ज की दरें घटाने की वकालत की है। CII के भावी अध्यक्ष उदय कोटक का कहना है कि सिस्टम में नकदी की कमी नहीं है लेकिन इसकी लागत काफी ज्यादा है। छोटी बचत योजनाओं पर बढ़ते ब्याज से असंतुलन पैदा हुआ है।  बैंक भी डिपॉजिट पर ब्याज बढ़ाने लगे हैं। उनका कहना कि छोटी बचत योजनाओं का ब्याज पर संतुलित रवैया अपनाना चाहिए।

उदय कोटक का मानना है कि इक्विटी पर टैक्स का बोझ बेहद ज्यादा है। इस पर कॉरपोरेट टैक्स, डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स से लेकर कैपिटल गेंस टैक्स तक कई तरह के टैक्स लगते हैं। अगर इकोनॉमी में निवेश बढ़ाना है तो इक्विटी पर टैक्स का बोझ घटाना होगा।

ऑटो सेक्टर मंदी में है और लोगों पैसा खर्च नहीं कर रहे हैं। TVS मोटर के चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन ने नेटवर्क 18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा सिस्टम में नकदी की काफी कमी है। नई मोदी सरकार का सबसे बड़ा फोकस डिमांड बढ़ाने पर होगा।

उद्योग संगठन CII ने उम्मीद जताई है कि बजट में सरकार सुधारों पर फोकस करेगी। CII के अध्यक्ष विक्रम किर्लोस्कर का कहना है कि इकोनॉमी की सेहत सुधारने के लिए बड़े रिफॉर्म जरूरी हैं।

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