बजट के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। वित्त मंत्री लगातार अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों से बजट पूर्व चर्चा कर रही हैं। कमोडिटी बाजार के लिए ये साल काफी चुनौती भरा रहा है। बारिश और बाढ़ के कारण खरीफ उत्पादन पर असर देखने को मिला है वहीं एक्सपोर्ट के मोर्चे पर भी काफी चुनौतिया देखने को मिली हैं। कमोडिटी वायदा बाजार की बात करें तो SEBI इसका दायरा बढ़ाने के लिए Institutions और विदेशी निवेशकों को निवेश की मंजूरी जैसे कई कदम उठाए हैं लेकिन कमोडिटी वायदा को विस्तार देने के लिए अभी भी कई कदम उठाना बाकी है। ऐसे में अगले बजट से कमोडिटी मार्केट पार्टिसिपेंट्स की क्या उम्मीदें आज हम इसी पर चर्चा करेंगे।

कमोडिटी बाजार की इस बार के बजट से कई उम्मीदें है। बाजार चाहता है कि कमोडिटीज के ट्रांजैक्शन टैक्स में कमी लाकर कमोडिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स को हटाया जाए। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स खत्म किया जाए। डिविडेंड डिस्ट्रिब्यूशन टैक्स कम किया जाए। कमोडिटी बाजार को Liberalized Remittance Scheme में राहत मिले। साथ ही Partnership Firms को टैक्स में राहत दी जाए।

$5 Trillion की इकोनॉमी के लिए कमोडिटी बाजार अहम है जिसके चलते कमोडिटी बाजार का मानना है कि कमोडिटी वायदा पर टैक्स को तर्कसंगत बनाया जाए। Make In India की तर्ज पर Trade in India को बढ़ावा मिले। APMC एक्ट में सुधार हो 1 देश 1 मंडी लाइसेंस बनाया जाए।  कृषि क्षेत्र के लिए बजट में ज्यादा आवंटन किया जाए।

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