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क्या गिग वर्कर्स और फ्रीलांसर को भारत में पर्सनल लोन मिल सकता है?

फ्रीलांसर और गिग वर्कर्स भी पर्सनल लोन ले सकते हैं, लेकिन उनकी इनकम की अनियमितता के कारण अप्रूवल प्रक्रिया सैलरीड प्रोफेशनल्स से अलग होती है. सही दस्तावेजों के साथ अब कई बैंक, NBFC और डिजिटल प्लेटफॉर्म ऐसे प्रोफेशनल्स को भी लोन ऑफर कर रहे हैं।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 08, 2026 पर 12:07 PM
क्या गिग वर्कर्स और फ्रीलांसर को भारत में पर्सनल लोन मिल सकता है?

भारत में फ्रीलांसिंग और गिग वर्क का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है. कई प्रोफेशनल्स अब ट्रेडिशनल सैलरीड जॉब्स से हटकर इस मॉडल को अपना रहे हैं. गिग वर्क का मतलब है शॉर्ट-टर्म और फ्लेक्सिबल जॉब्स, जहां किसी को प्रोजेक्ट या टास्क बेसिस पर हायर किया जाता है. इसमें फ्रीलांस राइटिंग, राइड-शेयरिंग, फूड डिलीवरी, ग्राफिक डिजाइन और ऑनलाइन ट्यूटरिंग जैसी एक्टिविटीज शामिल हैं.

यह मॉडल जहां ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी और इंडिपेंडेंस देता है, वहीं इसके साथ एक बड़ी चुनौती भी है. दरअसल, ऐसे जॉब स्टेटस वालों के लिए लोन लेना मुश्किल हो जाता है.

क्या गिग वर्कर्स और फ्रीलांसर पर्सनल लोन ले सकते हैं?

गिग वर्कर्स और फ्रीलांसर पर्सनल लोन ले सकते हैं, लेकिन इनका प्रोसेस सैलरीड प्रोफेशनल्स से अलग होता है. पर्सनल लोन अप्रूवल में इनकम स्टेबिलिटी और क्रेडिटवर्थिनेस अहम होती है. सैलरीड प्रोफेशनल्स को इसका फायदा मिलता है. क्योंकि उनकी इनकम स्टेबल होती है और बैंक स्टेटमेंट से यह साबित किया जा सकता है. जबकि फ्रीलांसर और गिग वर्कर्स की इनकम ऊपर-नीचे होती रहती है, जिससे बैंक्स के लिए उनकी क्रेडिटवर्थिनेस का आकलन करना मुश्किल हो जाता है.

लेंडर्स ऐसे मामलों में ITR, बैंक स्टेटमेंट और क्रेडिट स्कोर जैसे दूसरे तरीकों से कन्फर्मेशन लेते हैं. क्रेडिट स्कोर जितना ज्यादा होगा, लोन मिलने का चांस उतना बेहतर होगा. आज कई बैंक और NBFC सेल्फ-एम्प्लॉयड और फ्रीलांसर को पर्सनल लोन ऑफर कर रहे हैं. कुछ फिनटेक कंपनियां तो गिग वर्कर्स को उनके डिजिटल फाइनेंशियल डेटा के आधार पर कस्टमाइज्ड लोन देती हैं.

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