ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी फॉक्सकॉन, HCL ग्रुप के साथ अपने सेमीकंडक्टर ज्वाइंट वेंचर में 424 करोड़ रुपये निवेश करेगी। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है। आईफोन की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) ने सेमीकंडक्टर ज्वाइंट वेंचर में 312 करोड़ रुपये में 40 पर्सेंट हिस्सेदारी खरीदी है।
कंपनी ने ज्वाइंच वेंचर यूनिट में निवेश को लेकर जारी नोट में कहा है, 'अगर संभावित निवेश 1,33,10,000 डॉलर (तकरीबन 112 करोड़ रुपये) को शामिल किया जाता है, तो कुल होल्डिंग 5,05,10,000 (तकरीबन 424 करोड़ रुपये) से ज्यादा नहीं होगी और कुल शेयरहोल्डिंग रेशियो को पूंजी में वास्तविक बढ़ोतरी के आधार पर एडजस्ट किया जाएगा।'
सूत्रों के मुताबिक, फॉक्सकॉन-HCL OSAT (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर एसेंबली एंड टेस्ट) प्लांट भारत में स्थापित किया जाएगा। इससे पहले फॉक्सकॉन ने अपनी सब्सिडियरी बिग इनोवेशन होल्डिंग्स के जरिये ज्वाइंट वेंचर में 246 करोड़ रुपये का निवेश किया था और फॉक्सकॉन होन हाई टेक्नोलॉजी इंडिया मेगा डिवेलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड के जरिये निवेश को राशि को बढ़ाकर 312 करोड़ रुपये कर दिया था। 1.4
अगस्त 2024 के मुताबिक, कंपनी ने 1.4 अरब डॉलर का निवेश किया है और इसका बिजनेस बढ़कर 10 अरब डॉलर हो गया है। कंपनी की भारतीय इकाई में फिलहाल 48,000 से भी ज्यादा लोग काम करते हैं। फॉक्सकॉन पहले से भारत में आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग कर रही है और कर्नाटक में मेगा यूनिट स्थापित कर धीरे-धीरे इस देश में निवेश बढ़ा रही है। कंपनी की योजना भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल और बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी स्थापित करने की है।
कुछ दिन पहले खबर आई थी कि फॉक्सकॉन तमिलनाडु में एक नई फैक्ट्री स्थापित करने के लिए 1 अरब डॉलर (लगभग 83 अरब रुपये) का निवेश करने की योजना बना रही है। एक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, नई फैक्ट्री स्मार्टफोन डिस्प्ले मॉड्यूल को एसेंबल करने के लिए होगी। इस फैक्ट्री में मुख्य रूप से ऐपल के आईफोन के डिस्प्ले बनाई जाएगी और यह फॉक्सकॉन द्वारा भारत में निर्मित पहली डिस्प्ले मॉड्यूल फैक्ट्री होगी।