15 साल तक गैस की सप्लाई के लिए GAIL का बिग प्लान, अमेरिका और भारत के बीच बढ़ेगी साझेदारी

GAIL News: फरवरी महीने में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच ऊर्जा संबंधों को बढ़ाने पर सहमति बनी थी। इसके तहत भारत ने अमेरिकी तेल और गैस की खरीद को वर्ष 2024 में 1500 करोड़ डॉलर से बढ़ाकर आने वाले वर्षों में 2500 करोड़ डॉलर करने की पेशकश की थी। अब गेल ने इक्विटी ऑप्शन के साथ अमेरिका से गैस की सप्लाई के लिए बोलियां मंगाई है। इसके लिए डेडलाइन 28 अप्रैल है

अपडेटेड Apr 14, 2025 पर 3:19 PM
भारत की दिग्गज नेचुरल गैस कंपनी गेल (इंडिया) ने अमेरिकी एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) प्रोजेक्ट में 26 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण और 15 वर्ष के लिए गैस सोर्सिंग कॉन्ट्रैक्ट के लिए एक एक्सप्रेशन ऑफ इंटेरेस्ट (EOI) मंगाया है।

GAIL News: फरवरी महीने में जब पीएम मोदी अमेरिकी दौरे पर वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी तो उन्होंने अमेरिकी तेल और गैस की खरीद को एक बड़ी मात्रा में बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। अब सामने आ रहा है कि भारत की दिग्गज नेचुरल गैस कंपनी गेल (इंडिया) ने अमेरिकी एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) प्रोजेक्ट में 26 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण और 15 वर्ष के लिए गैस सोर्सिंग कॉन्ट्रैक्ट के लिए एक एक्सप्रेशन ऑफ इंटेरेस्ट (EOI) मंगाया है। सीएनएन-न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक यह खुलासा ईओआई डॉक्यूमेंट के मुताबिक से हुआ है।

क्या है इस डॉक्यूमेंट में?

ईओआई डॉक्यूमेंट के मुताबिक गेल अमेरिका में मौजूदा या आने वाले नेचुरल गैस लिक्विफैक्शन प्रोजेक्ट से सालाना 1 मिलियन मीट्रिक टन (MMTPA) यानी सालाना 10 लाख टन एलएनजी जुटाने के लिए दिलचस्पी दिखा रही है। यह कॉन्ट्रैक्ट 15 वर्षों का होगा और फ्री ऑन बोर्ड बेसिस पर यानी कि सेलर की सप्लाई के बाद सभी रिस्क बायर्स के हो जाएंगे यानी कि शिपिंग के दौरान इसमें किसी भी नुकसान का जिम्मा सेलर्स का होता है। इसके अलावा आपसी सहमति से एलएनजी की सप्लाई का कॉन्ट्रैक्ट पीरियड 5 से 10 साल तक बढ़ाया जा सकता है। इसकी सप्लाई मौजूदा प्रोजेक्ट से कैलेंडर वर्ष 2029 या वर्ष 2030 से और अपकमिंग प्रोजेक्ट से कैलेंडर वर्ष 2030 से शुरू होगी।


इक्विटी खरीदने का भी विकल्प

गेल का कहना है कि उसके पास अमेरिकी प्रोजेक्ट में इसे इक्विटी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने का विकल्प भी रहेगा। डॉक्यूमेंट के मुताबिक अगर प्रोजेक्ट के पूरे वैल्यू चेन में जैसे कि एसेट ओनरशिप, एलएनजी सेल राइट्स, ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) इत्यादि एक ही कंपनी के पास रहता है तो उस कंपनी में इक्विटी ऑप्शन का गेल इस्तेमाल कर सकेगी। हालांकि अगर अलग-अलग कंपनियां वैल्यू चेन संभालती हैं तो प्रोजेक्ट के पूरे वैल्यू चेन में 100 फीसदी बेनेफिशियल ओनरशिप रखने वाली होल्डिंग कंपनी में गेल इक्विटी ऑप्शन का इस्तेमाल करेगी।

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