कर्ज में डूबी एयरलाइन 'गो फर्स्ट (Go First)' की उड़ान सेवाएं अगले एक महीने तक फिर से शुरू होने की उम्मीद नही हैं। दरअसल डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से एयरलाइन को अपना कारोबार फिर से शुरू करने की व्यापक योजना जमा करने के लिए 30 दिन का समय मिला है। इसके साथ DGCA ने एयरलाइन से उससे उड़ान भर सकने योग्य विमानों, पायलट और अन्य कर्मचारियों, मेंटीनेंस और फंड सहित अन्य चीजों की जानकारी देने को भी कहा है। DGCA ने यह आदेश उसके 8 मई को जारी कारण बताओ नोटिस पर एयरलाइन की ओर से आए जवाब के बाद जारी किया है।
DGCA के एक अधिकारी ने बताया, "गो फर्स्ट ने अनुरोध किया है उन्हें एक विस्तृत रिवाइवल प्लान बनाने के लिए मोरोटोरियम अवधि के इस्तेमाल की इजाजत दी जाए। एयरलाइन कारोबार को फिर से शुरू करने से अपने रिवाइवल प्लान को रेगुलेटरी मंजूरी के लिए DGCA के सामने पेश करेगी।"
अधिकारी ने बताया कि गो फर्स्ट की ओर से रिवाइवल प्लान जमा किए जाने के बाद DGCA उसकी समीक्षा करेगी, ताकि मामले में आगे की उचित कार्रवाई की जा सके।
स्वैच्छिक दिवाला कार्यवाही का सामना कर रही गो फर्स्ट की उड़ानें बीते 3 मई से बंद है। एयरलाइन ने अपने दिवालिया याचिका में कहा था कि वह भारी वित्तीय संकट का सामना कर रही है।
दिवालिया याचिका के बाद, DGCA ने यरलाइन को एक कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि आखिर उड़ानों को चलाने में फेल होने के बाद उसका लाइसेंस क्यों न रद्द कर दिया जाए। साथ ही उसने गो फर्स्ट को अगले आदेश तक तत्काल प्रभाव से और हवाई टिकटों की बिक्री बंद करने के लिए भी कहा था।
DGCA ने गो फर्स्ट को 24 मई तक जवाब देने का समय दिया था जिसके बाद गो फर्स्ट के एयर ऑपरेटर सर्टिफिकेट पर नियामक की ओर से फैसला लिया जाएगा।
इस बीच, एयरलाइन ने 24 मई को अपने कर्मचारियों को सूचित किया था कि उड़ानें दोबारा शुरू होने से पहले उन्हें अप्रैल महीने का पूरी सैलरी का भुगतान किया जाएगा।
गो फर्स्ट के फ्लाइट ऑपरेशंस की वाइस प्रेसिडेंट, कैप्टन रजित रंजन ने कहा, "सीईओ ने भरोसा दिया है कि अप्रैल महीने की सैलरी उड़ानें दोबारा शुरू होने से पहले आपके खाते में जमा कर दी जाएंगी। इसके अलावा, आने वाले महीने से वेतन का भुगतान हर महीने के पहले सप्ताह में किया जाएगा।"