Home Loan: दो साल में होम लोन बकाया 10 लाख करोड़ रुपये बढ़ा, RBI ने जारी किए आंकड़े

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मार्च 2024 के लिए बैंक क्रेडिट के सेक्टोरल वितरण के आंकड़ों के अनुसार आवास (प्रायोरिटी सेक्टर हाउसिंग सहित) के लिए बकाया ऋण मार्च 2024 में 27,22,720 करोड़ रुपये था। यह आंकड़ा मार्च 2023 में 19,88,532 करोड़ रुपये और मार्च 2022 में 17,26,697 करोड़ रुपये था

अपडेटेड May 05, 2024 पर 5:59 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
हाउसिंग सेक्टर के लिए क्रेडिट आउटस्टैंडिंग पिछले दो वित्त वर्षों में लगभग 10 लाख करोड़ रुपये बढ़कर इस साल मार्च में रिकॉर्ड 27.23 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

Home Loan: हाउसिंग सेक्टर के लिए क्रेडिट आउटस्टैंडिंग पिछले दो वित्त वर्षों में लगभग 10 लाख करोड़ रुपये बढ़कर इस साल मार्च में रिकॉर्ड 27.23 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आरबीआई के ‘सेक्टोरल डिप्लॉयमेंट ऑफ बैंक क्रेडिट’ डेटा में यह जानकारी दी गई है। बैंकिंग और रियल एस्टेट सेक्टर के एक्सपर्ट्स ने बताया कि कोविड महामारी के बाद आवासीय संपत्ति बाजार में दबी मांग सामने आने के चलते हाउसिंग क्रेडिट आउटस्टैंडिंग में वृद्धि हुई।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मार्च 2024 के लिए बैंक क्रेडिट के सेक्टोरल वितरण पर आंकड़ों के अनुसार आवास (प्रायोरिटी सेक्टर हाउसिंग सहित) के लिए बकाया ऋण मार्च 2024 में 27,22,720 करोड़ रुपये था। यह आंकड़ा मार्च 2023 में 19,88,532 करोड़ रुपये और मार्च 2022 में 17,26,697 करोड़ रुपये था।

आंकड़ों से यह भी पता चला कि कमर्शियल रियर एस्टेट के लिए क्रेडिट आउटस्टैंडिंग मार्च 2024 में 4,48,145 करोड़ रुपये था। यह मार्च 2022 में 2,97,231 करोड़ रुपये था। कई प्रॉपर्टी कंसल्टेंट की रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो वित्त वर्षों में घरों की बिक्री और कीमतों में काफी वृद्धि हुई है।


क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा कि आवास ऋण में उच्च वृद्धि आवासीय क्षेत्र के सभी खंडों में तेजी के चलते है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से किफायती आवास खंड में सरकार के प्रयासों के कारण तेजी देखी गई है। सबनवीस ने कहा कि आवास ऋण की वृद्धि मजबूत बनी रहेगी, लेकिन उच्च आधार के कारण यह घटकर 15-20 प्रतिशत रह सकती है।

आरबीआई के आंकड़ों पर टिप्पणी करते हुए रियल एस्टेट विश्लेषण कंपनी प्रॉपइक्विटी के CEO और MD समीर जसूजा ने कहा कि बकाया आवास ऋणों में वृद्धि मुख्य रूप से पिछले दो वित्त वर्षों में पेश की गईं और बेची गई संपत्तियों की मात्रा में वृद्धि के कारण है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 से पहली कैटेगरी के शहरों में 50-100 प्रतिशत के बीच मूल्य वृद्धि देखी गई है। इसके चलते प्रति संपत्ति औसत ऋण आकार में वृद्धि हुई। जसूजा को उम्मीद है कि आवास ऋण खंड में तेजी बनी रहेगी, क्योंकि आवासीय रियल एस्टेट की मांग मजबूत बनी हुई है। कृसुमी कॉरपोरेशन के MD मोहित जैन ने कहा कि बड़े घरों की मांग वास्तव में आसमान छू रही है। उन्होंने कहा कि जिन घरों को कभी विलासिता का माना जाता था, आज वे जरूरत बन गए हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।